पूर्णिमा तिथि बृहस्पतिवार की सुबह 9:35 आरंभ भद्राकाल में आरंभ होगी। 12 अगस्त की सुबह 7:17 तक पूर्णिमा रहेगी। इस दौरान भद्राकाल बृहस्पतिवार की रात 8:25 बजे तक रहेगा।
रक्षाबंधन के मुहूर्त पर इस बार संशय की स्थिति है। श्रावण पूर्णिमा पर बृहस्पतिवार को दिन भर भद्राकाल और दूसरे दिन दोषपूर्ण उदया तिथि मिलने से इस बार यह नौबत आई है। ऐसे में शास्त्र सम्मत निर्णय के अनुसार बहनें दिन में भाइयों की कलाई पर राखी बांधने से बचें। रात 8:26 बजे से 11:30 बजे के बीच रक्षाबंधन का पर्व मनाया जा सकेगा।
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पूर्णिमा तिथि बृहस्पतिवार की सुबह 9:35 आरंभ भद्राकाल में आरंभ होगी। 12 अगस्त की सुबह 7:17 तक पूर्णिमा रहेगी। इस दौरान भद्राकाल बृहस्पतिवार की रात 8:25 बजे तक रहेगा। ऐसे में भद्रा से रहित पूर्णिमा न मिलने की वजह से इस अवधि में बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी नहीं बांध सकेंगी। ज्योतिषाचार्य पं. ब्रजेंद्र मिश्र के अनुसार रक्षाबंधन का उत्तम मुहूर्त समय बृहस्पतिवार की रात 8:26 से 11:30 बजे तक रहेगा।
हालांकि रक्षाबंधन का मध्यम समय भद्रा पुच्छकाल में भी होता है। मुहूर्त चिंतामणि के अनुसार भद्रा की अंतिम तीन घटी यानी एक घंटे 12 मिनट तक भद्रा पुच्छ होता है। ऐसे में शाम 7:13 बजे से भी बहनें भाइयों की कलाई पर रखी बांध सकेंगी। हालांकि उदयतिथि का मान्यता होने की वजह से कुछ लोग शुक्रवार को भी रक्षाबंधन का पर्व मनाएंगे, लेकिन ज्योतिषियों ने दोषपूर्ण उदयातिथि होने की वजह से बृहस्पतिवार को ही राखी बांधने और श्रावणी पर्व मनाने की सलाह दी है।