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लौटने लगीं गंगा-यमुना, निचले इलाकों में राहत

Sat, 01 Aug 2015 02:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद। तीन दिन से तक लगातार वृद्धि के बाद गंगा-यमुना का जलस्तर कम होने लगा है। शुक्रवार सुबह के मुकाबले शाम पांच बजे तक दोनों नदियों का जलस्तर छह से आठ सेंटीमीटर तक कम हो गया। जलस्तर कम होने से निचले इलाकों में रहने वालों ने राहत की सांस ली है। हालांकि बाढ़ को लेकर उनकी चिंता अभी कम नहीं हुई क्योंकि उत्तराखंड एवं मध्य प्रदेश में हो रही बारिश का पानी यहां आने पर नदियां फिर उफान पर होंगी।
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गंगा-यमुना के जलस्तर में जिस तेजी से बढ़ोतरी हो रही थी, माना जा रहा था कि शुक्रवार सुबह तक गंगा बांध स्थित लेट हनुमान जी को अपनी जद में लेकर स्नान करा देंगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बृहस्पतिवार से शुक्रवार सुबह आठ बजे तक गंगा का जलस्तर फाफामऊ में 26 सेंटीमीटर और छतनाग में 31 सेंटीमीटर बढ़ने और दोनों नदियों के खतरे के निशान के पास तक पहुंचने से दारागंज, बघाड़ा, सदियाबाद, सलोरी, ओम गायत्री नगर, गोविंदपुर, चिल्ला, शिवकुटी, मेहंदौरी, बेली गांव, गंगा नगर, उंचवागढ़ी, नेवादा, करेलाबाग, शम्स नगर, अहमद नगर, सदियापुर, मीरापुर, ककरहा घाट के आसपास रहने वालों की चिंता बढ़ने लगी थी। यहां घरों के निचले तल से सामान समेट कर ऊपर के कमरों में पहुंचा दिया गया था लेकिन दोपहर बाद दोनों नदियों के जलस्तर में गिरावट से इन इलाकों के लोगों को राहत मिल गई है।
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दोपहर बाद से शाम तक गंगा का जलस्तर फाफामऊ में छह और छतनाग में आठ सेंटीमीटर कम हो गया जबकि नैनी में यमुना का जलस्तर भी छह सेंटीमीटर नीचे चला गया।
शुक्रवार को नदियों का जलस्तर
सुबह आठ बजे                 शाम पांच बजे
गंगा-फाफामऊ 81.580           81.520
      छतनाग   80.720           80.640
यमुना-नैनी    81.260            81.200
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