प्रदेश के बीएड कालेजों में दाखिले के लिए डाक्यूमेंट वेरिफिकेशन और काउंसलिंग की प्रक्रिया सोमवार को शुरू हो गई, लेकिन पहले दिन ही अभ्यर्थियों को अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। मेधावियों के सामने कालेजों के च्वॉयस को लेकर ही दुविधा बन गई है। केंद्रों पर देर रात तक बुकलेट ही नहीं पहुंची थी। इससे अभ्यर्थियाें को कालेजों की लिस्ट ही नहीं मिली। अब च्वॉयस लॉक करते समय ही कालेज की लिस्ट उनके सामने होगी। इसे लेकर अभ्यर्थियों में काफी नाराजगी रही। उनका कहना था कि अभ्यर्थियों को भ्रमित करने के लिए जानबूझकर ऐसा किया गया है।
बीएड कालेजों में दाखिले के लिए पहले दिन साढ़े छह हजार तक रैंक वाले अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। इलाहाबाद में बीबीएस इंजीनियंरिंग कालेज, ठा. हरनारायण सिंह कालेज और एचएन सिंह पीजी कालेज को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए चुना गया है। तीनों केंद्रों पर अभ्यर्थियों काफी भीड़ रही। वेरिफिकेशन के बाद अभ्यर्थियों को कोड नंबर दिया जा रहा था। इसके अलावा उनके मोबाइल पर ओटीपी नंबर पहुंचेगा। इनकी मदद से वे कहीं से भी ऑनलाइन च्वॉयस लॉक कर सकते हैं। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को ओटीपी नंबर देर रात तक नहीं पहुंचा था। इससे उनमें असमंजस की स्थिति रही।
बीबीएस केंद्र पर कुल पंजीकृत 512 में से 403 अभ्यर्थियों ने डॉक्यूमेंट का वेरिफिकेशन कराया। ठा. हरनारायण पर 430 तथा एचएन सिंह पीजी कालेज पर 455 अभ्यर्थियों ने वेरिफिकेशन कराया। बीबीएस पर शाम तक वेरिफिकेशन का काम पूरा हो गया था, लेकिन अन्य दोनों केंद्रों पर रात तक प्रक्रिया चली। इसकी वजह से अभ्यर्थियों में काफी नाराजगी रही। वेरिफिकेशन कराने वाले अभ्यर्थियों को बुकलेट भी दी जानी थी। इसमें च्वॉयस लॉक के बारे में जानकारी के अलावा कालेजों की लिस्ट भी है लेकिन तीनों केंद्रों पर बुकलेट पहुंची ही नहीं थी। इससे अभ्यर्थियों की नाराजगी और बढ़ गई। बीबीएस के प्रोफेसर सीपी सिंह और एचएन सिंह के प्रभारी डॉ.विनय प्रताप सिंह का कहना है कि संबंधित अफसरों से बात की गई। उनका कहना है कि देर रात तक या मंगलवार सुबह तक बुकलेट पहुंच जाएगी।