prayagraj news : महेंद्रनाथ पांडेय, केंद्रीय मंत्री
- फोटो : prayagraj
आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए विद्यार्थियों को कौशलयुक्त होना अत्यंत आवश्यक है। छोटी उम्र से ही रोजगारपरक शिक्षा मिलने से युवा भविष्य के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे। यह बात केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने राज्य विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कही।
उन्होंने कहा कि प्राचीन काल से भारत ज्ञान का वैश्विक केंद्र रहा है। 21वीं सदी में भी भारत को हम ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था बनाने के लिए प्रयासरत हैं। नई शिक्षा नीति इस संकल्प को सिद्ध करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने अपने दीक्षांत भाषण में पदक एवं उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि भविष्य आपका है, आपके सामने अवसरों से युक्त संभावनाओं का विशाल क्षितिज है। कहा कि विश्वविद्यालय की उपाधि प्राप्त कर लेना ही शिक्षा की पूर्णता नहीं है। जब आप लोग समाज के विभिन्न क्षेत्रों में जाएंगे तो महसूस करेंगे कि पुस्तकीय ज्ञान के साथ अनुभवजन्य ज्ञान कितना महत्वपूर्ण है।