जसरा ब्लॉक की बीडीसी सदस्य के पति समरजीत सिंह ने एसओ घूरपुर राजेश उपाध्याय पर भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में वोटिंग के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में वह न सिर्फ उसे बल्कि चार महिला सदस्यों को भी थाने में बैठाने व वोटिंग का दबाव बनाने की बात कहता नजर आ रहा है। उधर एसओ आरोपों को गलत बता रहे हैं।
विकास खंड जसरा के बसहरा गांव से निर्वाचित क्षेत्र पंचायत सदस्य सुनीता देवी के पति समर जीत सिंह का एक वीडियो शनिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें वह घूरपुर थानाध्यक्ष पर अपने अपहरण और भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में वोटिंग का दबाव बनाने का आरोप लगाता नजर आ रहा है। वीडियो में वह यह कहता दिखाई दे रहा है कि घर से जबरन उठाने के बाद उसे चित्रकूट ले जाया गया।
फिर वहां कुछ घंटे उसे किसी नेता की गौशाला में रखा गया और दबाव पडने पर देर शाम घूरपुर थाने ले आया गया। उसके साथ चार महिला बीडीसी सदस्य भी थीं जिन्हें थाने में ही रखा गया। उसने आरोप लगाया कि न सिर्फ उस पर बल्कि महिला बीडीसी सदस्यों पर भी भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में वोट डालने का दबाव बनाया गया। मामले में थानाध्यक्ष राजेश उपाध्याय का कहना है कि बीडीसी सदस्य गलत आरोप लगा रहा है। ऐसा कुछ भी नहीं है।
भाजपाइयों ने आरओ की गाड़ी के सामने दिया धरना
ब्लॉक प्रमुख पद पर परिणाम घोषित होने के बाद भाजपा प्रत्याशी समर्थकों संग धांधली का आरोप लगाते हुए निर्वाचन अधिकारी की गाड़ी के सामने धरने पर बैठ गए। आरोप लगाया कि कई मतपत्रों में नोट लपेटे हुए थे तो कुछ मतपत्रों के साथ पर्चियां भी लगी हुई थीं। ऐसे मतपत्रों को अवैध घोषित करते हुए चुनाव परिणाम पर रोक लगाना चाहिए। प्रदर्शनकारी जिलाधिकारी को बुलाने की मांग कर रहे थे। जानकारी पर एसपी यमुनापार सौरभ दीक्षित, एडीएम विजय कुमार द्विवेदी, सिटी मजिस्ट्रेट रजनीश मिश्रा, चंद्र प्रकाश त्रिपाठी वहां पहुंचे और भाजपा प्रत्याशी से बाचतीत की। खबर लिखे जाने तक धरना समाप्त नहीं हुआ था।