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Bazm E Virasat : इलाहाबाद की तासीर है, जाएंगे तो कुछ करके ही आएंगे, शख्सियतों के व्यक्तित्व पर हुई चर्चा

Sun, 21 Dec 2025 04:48 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

बज्म-ए-विरासत का दूसरा दिन शनिवार को इतिहास, साहित्य और खेल की जीवंत बातचीत के साथ शुरू हुआ। ऑल इंडिया रेडियो की पूर्व उद्घोषक आशा ब्राउन ने अपने व्यक्तिगत संस्मरणों और किस्सों के माध्यम से श्रोताओं को स्मृतियों के सुनहरे दौर में पहुंचाया।
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बज्म-ए-विरासत का दूसरा दिन शनिवार को इतिहास, साहित्य और खेल की जीवंत बातचीत के साथ शुरू हुआ। ऑल इंडिया रेडियो की पूर्व उद्घोषक आशा ब्राउन ने अपने व्यक्तिगत संस्मरणों और किस्सों के माध्यम से श्रोताओं को स्मृतियों के सुनहरे दौर में पहुंचाया। वहीं, दूसरे सत्र में अभिनेता फैजल मलिक ने कहा कि ये इलाहाबाद शहर की तासीर है, जाएंगे तो कुछ करके ही आएंगे।

स्टोरीज ऑफ आवर सिटी कार्यक्रम प्रयागराज से जुड़े महान व्यक्तित्वों और यहां की सांस्कृतिक परंपरा को समर्पित रहा। सत्र का परिचय जफर बख्त ने किया। अधिवक्ता गोपाल चतुर्वेदी ने तेज बहादुर, अकबर इलाहाबादी और फिराक गोरखपुरी जैसे दिग्गजों से जुड़े प्रसंगों को साझा किया।

इसके बाद अंग्रेजी में 2023 साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित लेखिका प्रो. नीलम सारन गौर और इलाहाबाद विश्वविद्यालय के सेंटर ऑफ मीडिया स्टडीज के कोर्स कोऑर्डिनेटर प्रो. धनंजय चोपड़ा के बीच संवाद हुआ। उन्होंने गंगा-जमुनी तहजीब पर शहर की साझी संस्कृति को रेखांकित किया। संवाद में दोनों वक्ताओं ने प्रयागराज से जुड़ी कल्पनाशील कथाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

 

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काम की तलाश में भी खुश रहना जरूरी है: जयदीप अहलावत

कार्यक्रम के दूसरे सत्र की शुरुआत ‘स्टार्स ऑफ आवर सिटी’ से हुई। गायक शाश्वत सिंह ने फिल्म मेट्रो के इन दिनों का गीत ‘जमाना लगे’ गाकर महफिल में समां बांध दिया। इसके बाद कलाकारों ने छोटे शहर से बड़े फिल्मी संसार तक के सफर, संघर्ष, संकोच और सफलता पर बातचीत की। इसमें अभिनेता जयदीप ने शहर लौटने की खुशी साझा करते हुए कहा कि काम ढूंढने के दौर में भी मैं कभी दुखी नहीं था। काम की तलाश में खुश रहना जरूरी है। वहीं, अभिनेता फैजल मलिक ने कहा कि इलाहाबाद ऐसा शहर है, जो यहां आने वालों को खाली हाथ नहीं जाने देता। इलाहाबाद को कभी छोटा शहर नहीं कहा जा सकता। अमिताभ बच्चन इसी शहर से हैं, इस पर दर्शकों ने जोरदार तालियां बजाईं।

फिल्म डिस्कशन में सिनेमा पर मंथन

फिल्म डिस्कशन सत्र में तिग्मांशु धूलिया, अनुराग बसु, लीना यादव और अनुराग सिन्हा शामिल हुए। रंग स्टैंड-अप कॉमेडियन असीम बजाज ने भरा। इसके बाद मशहूर बैंड इंडियन ओशियन के ऊर्जावान लाइव परफॉर्मेंस के साथ समापन हुआ।

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