मुलायम सिंह यादव के सियासी सफर में प्रयागराज का खासा महत्व रहा। छुन्नन गुरु, जनेश्वर मिश्र, रेवती रमण सिंह, राम आधार यादव, अठई राम समेत प्रयागराज के कई दिग्गज समाजवादी नेता उनके सहयोगी रहे तो जशवंत नगर से पहली बार विधायक चुने जाने में भी यहां के नेताओं का महत्वपूर्ण भूमिका रही। मुट्ठीगंज के सालिकराम जायसवाल 1967 में सोशलिस्ट पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष थे और डॉ.राम मनोहर लोहिया के बाद शाक्तिशाली नेताओं में शामिल रहे। उन्होंने कई नेताओं के विरोध के बावजूद उस समय के युवा नेता मुलायम सिंह यादव को इटानगर के जशवंत नगर विधानसभा सीट से टिकट दे दिया।
उन्होंने इसकी घोषणा प्रयागराज में ही की। इतना ही नहीं जनेश्वर मिश्र, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष रहे विनोद चंद्र दुबे आदि उनके प्रचार में भी शामिल हुए थे। पार्टी के वरिष्ठ नेता तथा इन दिनों लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में मुख्य भूमिका निभा रहे केके श्रीवास्तव के अनुसार जशवंतनगर के उस समय के विधायक नत्थू सिंह ने भी मुलायम सिंह को टिकट दिए जाने की संस्तुति की थी। इस चुनाव में जीत हासिल करके मुलायम सिंह सबसे युवा प्रतिनिधि के तौर पर विधानसभा पहुंचे और इसके बाद फिर आगे ही बढ़ते गए।
Prayagraj News : प्रयागराज में पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव से जुड़ीं यादें। फाइल फोटो
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मुलायम सिंह यादव का प्रयागराज से गहरा नाता रहा और चुनावी सभाओं के अलावा उनका अक्सर यहां आना-जाना लगा रहा। एक वरिष्ठ नेता के यहां तो वे चाट खाने के लिए चले आए थे। पार्टी कार्यकर्ता मेहबूब उस्मानी की शादी में वह शामिल हुए थे। मेहबूब का कहना है कि उन्होंने पत्नी को भेंट भी दिए थे, जो हमारे लिए अनमोल है।
मुलायम सिंह ने प्रयागराज के अन्य कार्यकर्ताओं को भी कभी निराश नहीं किया तथा उनके बुलावे पर कई बार आए। पूर्व राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी की पत्नी के निधन पर भी वह यहां आए थे। हालांकि प्रयागराज में यह उनकी आखिरी यात्रा रही।
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दूसरे दल के नेताओं को भी देते थे समय
मुलायम सिंह यादव सिर्फ समाजवादी ही नहीं दूसरे दल के नेताओं को भी बराबर सम्मान देते थे। पार्टी नेता मेहबूब उस्मानी के अनुसार मुख्यमंत्री रहते हुए प्रयागराज आए मुलायम सिंह ने सर्किट हाउस में भाजपा नेताओं संग अलग से वार्ता की। उन्होंने भाजपा नेताओं को खुद आमंत्रित किया था। यह समाजवादी नेताओं के लिए भी आश्चर्य में डालने वाला रहा।
संगम और बड़े हनुमानजी के प्रति रही आस्था
पूर्व मुख्यमंत्री का संगम तथा बड़े हनुमान मंदिर के प्रति भी प्रगाढ़ आस्था रही। हनुमान मंदिर दर्शन के लिए वह कई बार आए। 2007 के अर्द्धकुंभ में उन्होंने संगम स्नान भी किया था।
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प्रयागराज का रहा खास स्थान
पूर्व मुख्यमंत्री प्रयागराज तथा यहां के नेताओं को खासा तवज्जो देते थे। कौशाम्बी के अलग होने से पहले यहां विधानसभा की 14 सीटें हुआ करती थीं, जो प्रदेश में सबसे अािधक थीं। इस दृष्टि से भी उनकी प्रयागराज पर खास नजर रही। इसका नतीजा रहा कि 1992 में समाजवादी पार्टी के गठन पर वह अध्यक्ष बने तो वरिष्ठ नेता जनेश्वर मिश्र उनके डिप्टी रहे। रेवती रमण सिंह अन्य नेताओं को भी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई।
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जनेश्वर मिश्र के निधन पर आया था पूरा परिवार
पार्टी के वरिष्ठ नेता रहे जनेश्वर मिश्र के निधन पर मुलायम सिंह यादव अपने परिवार, भाइयों संग बेली स्थित उनके आवास पर आए थे। मुलायम सिंह यादव जनेश्वर मिश्र की अंत्योष्टि में भी शामिल हुए थे तथा अग्नि शांत होने तक घाट पर मौजूद रहे। इससे पहले जुझारू समाजवादी नेता पूर्व विधायक राम आधार यादव के निधन पर भी आए थे। वह पूर्व राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी की पत्नी के निधन पर भी प्रयागराज आए थे।