कोरोना के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश का कार्यालय दो दिनों 20 और 21 मार्च को बंद कर दिया गया है। बार कौंसिल ऑफ इंडिया के निर्देश पर यह कार्य किया गया है। इस बीच कौंसिल के अध्यक्ष हरिशंकर सिंह ने जिला प्रशासन और सीएमओ से मांग की है कि बार कौंसिल के कार्यालय को सेनेटाइज करने और यहां कोरोना की जांच के लिए विशेषज्ञ की नियुक्ति करने की मांग की है। बार कौंसिल पूरे प्रदेश से लोग आते हैं इसे देखते हुए यहां संक्रमण का खतरा अधिक है।
कोरोना का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए जहां तमाम सरकारी और प्राइवेट संस्थान एहतियात बरत रहे हैं वहीं सिविल लाइंस स्थित प्रधान डाक घर अब भी विभिन्न कार्यों में बायोमैट्रिक मशीन का प्रयोग हो रहा है।। डाक घर में अब भी कर्मचारियों में इसे लेकर नाराजगी और खौफ है। कर्मचारियों का कहना है कि डाक घर में आम जनता का आना जाना होता है। इसलिए यहां संक्रमण का खतरा अधिक है। ऐसे में आधार कार्ड बनाने और पासपोर्ट बनाने जैसे कार्यों में बायोमैट्रिक मशीन का उपयोग करना खतरनाक है। इस संबंध में वरिष्ठ डाक अधीक्षक संजय डी अखाड़े का कहना है कि उनको आधार कार्ड और पासपोर्ट बनाना बंद करने के लिए कोई निर्देश नहीं प्राप्त हुआ है। फिर भी कर्मचारियों को एहतियात बरतने की सलाह दी गई है। जिन कर्मचारियों को छुट्टी चाहिए उनको तत्काल अवकाश दिया जाएगा। कर्मचारियों को शिफ्ट में काम करने के लिए कहा गया है।