भारतीय सांस्कृतिक संबंध और प्रयाग संगीत समिति के संयुक्त तत्वावधान में क्षितिज शृंखला के अंतर्गत बृहस्पतिवार को बृज लोक संगीत एवं नृत्य की शानदार प्रस्तुति हुई। माधुरी शर्मा और ग्रुप ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। मथुरा एवं वृंदावन शैली की रसिया प्रस्तुति को सभी ने खूब पसंद किया। ‘बांके बिहारी की बांकी मरोर’, ‘राधा सब सारन को सार’, ‘होरी खेलूंगी श्याम तोते नाये हारूं ’ प्रस्तुति पर खूब तालियां बजी।
भाव नृत्य ‘कन्हैया रंग डारयोगे सखी घूंघट नहीं खोलयो’, ‘रंगमय बोर गई कान्हा रंग मय बोर’ और बरसाने की होली ‘फाग खेलेन आये हैं तटवर नंद किशोर’ को खूब पसंद किया गया। ढोलक पर चमन कुमार नागर, नक्कारा पर छिद्दालाल कटारिया, हारमोनियम पर रमेश नागर, बांसुरी पं. रवि शंकर और कीबोर्ड पर मेघ श्याम ने संगत दी। इससे पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत समिति सचिव अरुण कुमार, कोषाध्यक्ष आदित्य नारायण और कलाकार माधुरी शर्मा ने दीप जलाकर की। सभी कलाकारों को नटराज की मूर्ति देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मधुरानी शुक्ला ने किया। इस मौके पर काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।