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Prayagraj : बैंक अफसर ने कहा- ब्रांच में एसएमसी का खाता नहीं, पुलिस ने निकलवाई आरोपी की कॉल डिटेल्स

Fri, 02 Sep 2022 11:46 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

एसएमसी में एडमिशन के नाम पर एक अभिभावक को ठग लिया गया था। अभिभावक को कॉलेज गेट पर मिले आरोपी थामस ने खुद को स्कूल का शिक्षक बताया था। उसने पैसे लेकर फर्जी फीस रसीद दी थी। अभिभावक से उसने 27 हजार रुपये की डीडी भी बनवाई।
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Prayagraj News : सेंट मेरी कान्वेंट स्कूल। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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सेंट मेरीज कान्वेंट (एसएमसी) में एडमीशन के नाम पर ठगी करने वाले जालसाज थामस का शुक्रवार को भी पता नहीं चला। उधर, जना बैंक की सिविल लाइंस शाखा के मैनेजर ने बताया कि उनकी शाखा में एसएमसी का खाता ही नहीं है। थामस का खाता है कि नहीं, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस ने आरोपी की कॉल डीटेल्स निकलवाई है। आरोपी ने फर्जी कागजात के आधार पर सिम लिया था।

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एसएमसी में एडमिशन के नाम पर एक अभिभावक को ठग लिया गया था। अभिभावक को कॉलेज गेट पर मिले आरोपी थामस ने खुद को स्कूल का शिक्षक बताया था। उसने पैसे लेकर फर्जी फीस रसीद दी थी। अभिभावक से उसने 27 हजार रुपये की डीडी भी बनवाई। इसका खुलासा 26 अगस्त को उस वक्त हुआ था जब अभिभावक अपनी बेटी को लेकर स्कूल पहुंचे। वहां उन्होंने स्कूल में जब फीस रसीद दिखाई तो सभी हैरत में पड़ गए।


फीस रसीद नकली थी। स्कूल की प्रिंसिपल सिस्टर ज्योति ने सिविल लाइंस थाने में आरोपी थामस के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने एफआईआर में डीडी का जिक्र करते हुए जना स्माल बैंक का नाम लिखवाया था।
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इस बारे में जना स्माल बैंक की सिविल लाइंस शाखा के मैनेजर अमित प्रकाश ने बताया कि कोई भी शख्स कहीं के लिए डीडी बनवा सकता है। उनकी शाखा में एसएमसी का कोई खाता नहीं है। न ही उनकी शाखा में डीडी को भुनाया गया। थामस का खाता बैंक में है या नहीं, इस पर उन्होंने बताया कि वे शनिवार को इसकी जांच कर पूरी बात बताएंगे।  उधर, इंस्पेक्टर सिविल लाइंस वीरेंद्र यादव ने बताया कि आरोपी की कॉल डीटेल्स निकलवाई गई है।उसने फर्जी कागजात के आधार पर सिम लिया था। जल्द ही उसे पकड़ा जाएगा।

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