बैंक ऑफ इंडिया में 4.25 करोड़ के गबन का मामला
दो आरोपियों के बारे में ढाई महीने बाद भी सुराग नहीं
प्रयागराज। बैंक ऑफ इंडिया की सुलेमसराय शाखा में 4.25 करोड़ के गबन के मामले मेें पुलिस की जांच सही मायनों में चार कदम भी आगे नहीं बढ़ सकी है। हाल यह है कि गायब रकम का तो छोड़िए, पुलिस अब तक मामले में नामजद दो आरोपियों के बारे में कोई भी जानकारी नहीं जुटा पाई है। पूछने पर हर बार कहा जाता है कि जांच जारी है और शनिवार को भी धूमनगंज पुलिस ने यही जवाब दिया।
सुलेमसराय स्थित बैंक ऑफ इंडिया में तीन जुलाई को 4.25 करोड़ के गबन का मामला सामने आया था। ऑडिट के दौरान यह गड़बड़ी पकड़ में आई थी। मैनेजर की ओर से दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया था कि करेंसी चेस्ट अधिकारी वशिष्ठ कुमार राम से पूछताछ हुई तो उसने गबन की बात स्वीकार की। साथ ही बताया कि निजी फायदे के लिए उसने गलत तरीके से उक्त रकम अपने दो परिचित एसके मिश्र व संजू मिश्र को दी। जिसके बाद तीनों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई थी। मामला दर्ज होने के बाद से ढाई महीने बीत चुके हैं लेकिन विवेचना में जुटी पुलिस अब तक चार कदम भी आगे नहीं बढ़ा पाई है।
1- महीनों ढूढ़ने के बाद भी नहीं कर पाए गिरफ्तार
रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से आरोपी चेस्ट करेंसी अधिकारी गायब हो गया था। पुलिस महीनों तलाश में लगी रही लेकिन उसका पता नहीं चल सका। पुलिस उसे बलिया, लखनऊ, पूणे में ढूढ़ती रही और वह करीब एक महीने बाद सरेंडर कर जेल चला गया।
2- रकम का अब तक नहीं चल पाया पता
आरोपी अफसर के सरेंडर करने के बाद पुलिस ने रिमांड पर लेकर उससे पूछताछ की। हालांकि खुद पर लगे सभी आरोपों को वह साफ नकार गया। पुलिस उसे लेकर उसके गुलटेरिया अपार्टमेंट स्थित फ्लैट पर भी गई लेकिन वहां भी कुछ हासिल नहीं हुआ। हालत यह है कि पुलिस के पास आज भी इस बात का जवाब नहीं है कि आरोपी ने गायब रकम का क्या किया।
3- नामजद दो आरोपियों का पता नहीं
मामला दर्ज होने के ढाई महीने बीत चुके हैं, इसके बावजूद पुलिस अब तक दो अनय नामजद आरोपियों के बारे में जानकारी नहीं जुटा पाई है। यह भी नहीं पता कर सकी है कि इस नाम के कोई व्यक्ति हैं भी या नहीं। दरअसल आरोपी करेंसी चेस्ट अधिकारी ने पूछताछ में इन दोनों के बारे में जानकारी से इंकार कर दिया था।
4- कोर्ट में नहीं दर्ज हुआ बयान
आरोपी अधिकारी को सरेंडर किए हुए एक महीने से ज्यादा का वक्त बीत चुका है। लेकिन अब तक उसका कोर्ट में बयान नहीं दर्ज कराया जा सका है।
सहयोग नहीं कर रहे बैंक अफसर
इस मामले में पुलिस का कहना है कि बैंक प्रशासन जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं कर रहा है। हाल यह है कि उनसे लेखा परीक्षण रिपोर्ट जैसे मामले से संबंधित एक दर्जन से ज्यादा दस्तावेज मांगे गए। लेकिन अब तक वह दस्तावेज पुलिस को नहीं उपलब्ध कराए जा सके। धूमनगंज इंस्पेक्टर विजय सिंह ने बताया कि जेल में बंद आरोपी करेंसी चेस्ट अधिकारी का जल्द ही कोर्ट में बयान दर्ज कराया जाएगा।