बैंक ऑफ इंडिया में 4.25 करोड़ के गबन का मामला
प्रयागराज। बैंक ऑफ इंडिया की सुलेमसराय शाखा में 4.25 करोड़ के गबन के आरोपी बैंक अफसर वशिष्ठ कुमार राम को रिमांड पर लेकर पुलिस ने मंगलवार को सात घंटे पूछताछ की। लेकिन सारी कवायद फेल ही साबित हुई। दिनभर चली पूछताछ में आरोपी खुद पर लगे आरोपों को निराधार बताता रहा। साथ ही गायब रकम के बारे में कोई भी जानकारी होने से इंकार किया।
सुलेमसराय स्थित बैंक ऑफ इंडिया में तीन जुलाई को 4.25 करोड़ के गबन का मामला सामने आया था। मामले में नामजद करेंसी चेस्ट अधिकारी वशिष्ठ कुमार राम पिछले दिनों सरेंडर कर जेल चला गया था। कोर्ट की अनुमति पर मंगलवार सुबह 10 बजे के करीब पुलिस उसे रिमांड पर लेकर नैनी जेल से धूमनगंज थाने पहुंची। यहां करीब सात घंटे तक उससे पूछताछ की गई। गायब रकम व मामले में नामजद एसके मिश्र व उसके पुत्र संजू मिश्र के बारे में भी पूछा गया। हालांकि सूत्रों की मानें तो आरोपी अफसर कोई भी जानकारी होने से साफ इंकार करते हुए बार-बार खुद को निर्दोष ही बताता रहा। न सिर्फ रकम के बारे में बल्कि अन्य दोनों आरोपियों के बारे में भी कुछ जानकारी होने से इंकार कर दिया। साथ ही यह भी कहा कि तहरीर में जो आरोप लगाए गए हैं वह निराधार हैं। उससे जबरन दबाव डालकर मनमाफिक बयान दर्ज कराया गया। पुलिस उसे लेकर सुलेमसराय के गुलटेरिया अपार्टमेंट स्थित उसके फ्लैट पर भी पहुंची। जहां कोने-कोने की तलाशी ली गई। लेकिन वहां से भी पुलिस को कुछ हासिल नहीं हो सका। शाम पांच बजे के करीब आरोपी बैंक अफसर को नैनी जेल ले जाकर दाखिल करा दिया गया। धूमनगंज पुलिस का कहना है कि पूछताछ में आरोपी से कोई खास जानकारी नहीं मिल सकी है। जांच पड़ताल की जा रही है।