प्रदेश सरकार की कर्जमाफी योजना का जिले के तकरीबन 1.05 किसानों को लाभ मिलेगा। हालांकि गाइडलाइन जारी होने और सर्वे के बाद ही सही स्थिति सामने आ पाएगी लेकिन बैंक की ओर से शासन को भेजे गए प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार इन किसानों का तकरीबन 10 अरब रुपये माफ होगा।
जिले में तकरीबन सवा लाख किसानों ने फसली ऋण ले रखा है। इनमें से एक लाख से अधिक लघु तथा सीमांत किसान हैं। सरकार की घोषणा के अनुसार इन्हें ही कर्जमाफी का लाभ मिलेगा। कर्ज एक लाख रुपये तक ही माफ होगा। यानी, इससे अधिक का ऋण है तो शेष राशि चुकानी पड़ेगी। अग्रणी बैंक प्रबंधक विजय शर्मा ने बताया कि कर्ज लेने वाले लघु और सीमांत किसानों का ब्यौरा सरकार को भेज दिया गया है। कर्जमाफी की शर्तें क्या हैं, इसकी गाइडलाइन अभी नहीं मिली है। इसलिए सही आंकड़ा बता पाना मुश्किल है। उनका कहना है कि यदि एक लाख रुपये तक फसली ऋण माफ हुआ है तो तरकीनब 10 अरब रुपये की जरूरत होगी।
40 हजार किसानों का पूरा कर्ज होगा माफ
प्रदेश सरकार ने जिन किसानों का खाता खराब (एनपीए) हो चुका उनका पूरा कर्ज माफ करने की घोषणा की है। जिले में कर्ज लेने वाले कुल सवा लाख में से ऐसे किसानों की संख्या 40 हजार से अधिक है। ये ऐसे किसान हैं जिन्होंने दो साल पहले कर्ज लिया था लेकिन उसे अदा नहीं कर सके। इनकी कर्जमाफी के लिए तकरीबन चार करोड़ रुपये की जरूरत होगी।
ट्रैक्टर, दुधारू पशु के लिए ऋण लेने वालों में निराशा
विधानसभा चुनाव में प्रचार के दौरान भाजपा तथा अन्य दलों ने किसानों का कर्ज माफ करने की घोषणा की थी। इसकी वजह से बैंकों का कर्ज वसूली अभियान फ्लाप रहा। कर्जमाफी की उम्मीद में किसानों ने किस्त जमा नहीं किए। यहां तक कि टैक्टर, भैंस तथा अन्य दुधारू पशुओं के लिए लोन लेने वाले किसानों ने भी कर्ज जमा नहीं किया लेकिन सिर्फ फसली ऋण माफ होने से इनमें निराशा है।