जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने चेक समाशोधन (क्लियरिंग) में लापरवाही पर बैंक को क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया। यह आदेश आयोग के अध्यक्ष मोहम्मद इब्राहिम और सदस्य प्रकाश चंद्र त्रिपाठी की पीठ ने अनिल तिवारी की ओर से दायर परिवाद पर दिया।
नैनी के माधोपुर निवासी अधिवक्ता अनिल का आरोप था कि उनका निजी बैंक में संयुक्त बचत खाता है। 13 जुलाई 2022 को उन्होंने 10,000 रुपये का चेक जमा किया। लेकिन, कर्मचारियों ने प्राप्तकर्ता का नाम भिन्न है बताकर चेक को क्लियरिंग के लिए भेजे बिना ही लौटा दिया। जब उसी चेक को बाद में पुनः प्रस्तुत किया तो उसका भुगतान कर दिया गया।
आयोग ने कहा कि बैंक की लापरवाही व अनभिज्ञता के कारण चेक समय से क्लियरिंग के लिए नहीं भेजा गया। इससे परिवादी को मानसिक व सामाजिक क्षति हुई। आयोग ने बैंक को निर्देश दिया है कि वह निर्णय की तिथि से दो माह में पांच हजार रुपये मानसिक व सामाजिक क्षति के रूप में और दो हजार रुपये वाद व्यय के रूप में याची को अदा करे।