इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिलाधिकारी जौनपुर द्वारा तहसील कर्मचारी को निलंबित करने के 3जून 21के आदेश पर रोक लगा दी है और कहा है कि विभागीय जांच पूरी की जाएं किन्तु बिना कोर्ट की अनुमति अंतिम आदेश पारित न किया जाए। कोर्ट ने राज्य सरकार से 4हफ्ते में याचिका पर जवाब मांगा है। यह आदेश न्यायमूर्ति एम सी त्रिपाठी ने पुत्तीलाल की याचिका पर दिया है।
याची का कहना है कि तहसीलदार बदलापुर की मनगढ़ंत रिपोर्ट पर बिना दंडनीय आरोप के डीएम ने निलंबित कर दिया।उसकी लंबी सेवा बेदाग रही है। उसकी छवि बिगाड़ने के लिए मनमानी कार्यवाही की गई है। याची 31जुलाई 21को सेवानिवृत्त होने जा रहा है।जो भी आरोप लगाया गया है, बड़ा दंड नहीं दिया जा सकता।