फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नोट लेने से करेंगे इंकार तो कैसे होगा कारोबार

Wed, 09 Nov 2016 02:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विज्ञापन
allahabad
विज्ञापन
पांच सौ और हजार के नोट पर रोक के फैसले का सीधा असर बुधवार को कारोबार पर दिखेगा, जब व्यापारी ऐसे नोट लेने से इंकार करेंगे। वर्तमान में ग्राहक दूध, सब्जी या फिर अन्य किसी तरह का छोटा-मोटा सामान खरीदने जाते हैं तो आमतौर पर जेब में पांच या फिर हजार की नोट ही होती है। सरकार के इस फैसले से व्यापारियों में उबाल है। बड़ी संख्या ऐसे व्यापारियों की है, जो दुकानों में आने वाली रकम नियमित के बजाए बैंकों में तीसरे-चौथे दिन जमा करते हैं। उनके पास लाखों रुपये इकट्ठा है। अब इस रकम को बैंक में जमा करना भी किसी मुसीबत से कम नहीं है। दूसरी ओर व्यापारी बुधवार से बड़े नोट न लेने की बात कर रहे हैं। साथ ही यह सवाल भी कर रहे हैं कि ऐसी स्थिति में कारोबार कैसे करेंगे।
विज्ञापन

कटरा में जनरल स्टोर संचालक अमित जायसवाल का कहना है कि सरकार का यह फैसला सरासर गलत है। ऐसा कोई भी कदम उठाने के पहले पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए। अचानक बड़ी नोट बंद करने से कारोबार बंदी की कगार पर पहुंच जाएगा। चौक के दुपट्टा कारोबारी विजय अरोरा का कहना है कि बाजार में ग्राहक हजार, पांच सौ का नोट ही लेकर आते हैं। अब ऐसे नोट लेना मुश्किल होगा। सवाल किया कि अगर ऐसे नोट नहीं लेंगे तो कारोबार कैसे करेंगे। कहा कि काला धन निकलवाने का यह तरीका सही नहीं है। करेंसी समाप्त करने का मतलब सरकार का फेल होना है।

गल्ला तिलहन के थोक व्यापारी सतीश केसरवानी एवं कागज, गत्ता के थोक व्यापारी संतोष पनामा कहते हैं कि अचानक हुए इस फैसले के कारोबार करना मुश्किल होगा। ऐसी स्थिति में उधार पर धंधा करना पड़ेगा। थोक  व्यापारी होने के कारण उनके यहां बड़ी संख्या में छोटे व्यापारी उधार माल ले जाते हैं। उनका कहना है कि जिन व्यापारियों के पास रकम बकाया है, उनसे वापस लेना मुश्किल होगा। इसकी वजह से बड़ी रकम फंस जाएगी। सरकार को यह आदेश निरस्त करना चाहिए। आइसक्रीम, केक के थोक व्यापारी रुपेश सक्सेना का कहना है कि सरकार के इस फैसले के बाद अब रोज बैंक में रकम जमा करने के लिए अतिरिक्त कर्मी रखना होगा। सरकार ने 50 दिन का समय दिया है। इस बीच कारोबार से हुई आय बैंक में जमा करना बड़ी चुनौती है। राजापुर के जनरल मर्चेंट कारोबारी प्रमिल केसरवानी का कहना है कि जल्दबाजी में निर्णय लिया गया, जनता इससे परेशान हो सकती है। छोटे व्यापारी कुछ पूंजी घर में रखकर कारोबार करते हैं, उनके सामने समस्या होगी। घरों में बचत करने वालों को भी मुश्किल होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें