जिस तरह शिक्षा के अन्य क्षेत्रों चिकित्सा, वाणिज्य, अभियांत्रिकी आदि में इंटरमीडिएट के बाद व्यावसायिक दृष्टि से भविष्य के मार्ग सुलभ होते हैं, उसी प्रकार बीएएलएलबी पंचवर्षीय पाठ्यक्रम विधि के क्षेत्र में विशेषज्ञता प्राप्त करने और भविष्य निर्माण में कारगर साबित हो रहा है। यह बात उच्चतम न्यायालय के न्यायमूर्ति अशोक भूषण ने शनिवार को सीएमपी डिग्री कॉलेज में बीएएलएलबी पाठ्यक्रम के उद्घाटन के मौके पर कहीं।
इसी के साथ इलाहाबाद विश्वविद्यालय के संघटक कॉलेजों में सीएमपी बीएएलएलबी का पाठ्यक्रम शुरू करने वाला पहला कॉलेज बन गया। पहले ही सत्र में 120 सीटों के मुकाबले 108 छात्रों ने प्रवेश लिए हैं। इसके बाद जल्द ही ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज में बीएएलएलबी का पाठ्यक्रम शुरू हो सकता है। सीएमपी में एलएलबी के छात्र रह चुके न्यायमूर्ति अशोक भूषण ने कहा कि यह कार्यक्रम प्रख्यात विधिवेत्ता जीएन वर्मा को समर्पित है, इसलिए यह उनके लिए भावुकता प्रदान करने वाला क्षण है। यह पाठ्यक्रम हमारे देश को अच्छे अधिवक्ता, न्यायाधीश, विधि के अध्यापक एवं विधि विशेषज्ञ प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
हरियाणा एवं पंजाब के मुख्य न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी मुरारी ने जीएन वर्मा को याद करते हुए कहा कि बीएएलएलबी का पाठ्यक्रम शुरू होने जाने से जीएन वर्मा के सपने को साकार होते देख गर्व की अनुभूति हो रही है। उच्चतम न्यायालय के न्यायमूर्ति विनीत सरन ने पाठ्यक्रम शुरू पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए सीएमपी परिवार को बधाई दी। कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू ने कहा कि सीएमपी ने यह पाठ्यक्रम शुरू कर देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस मौके पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति बीके नारायण, न्यायमूर्ति वाईके श्रीवास्तव, न्यायमूर्ति पंकज भाटिया, न्यायमूर्ति बीके बिड़ला, इविवि में विधि संकाय के डीन प्रो. आरके चौबे, डॉ. एमपी तिवारी, प्राचार्य डॉ. बृजेश कुमार, चौधरी अमरनाथ सिंह, चौधरी जितेंद्र नाथ सिंह, चौधरी राघवेंद्र नाथ सिंह आदि मौजूद रहे।