इलाहाबाद। जिलहिज्जा की पहली तारीख के साथ ही अब बकरीद का इंतजार है। जनाबे इब्राहिम और इस्माइल की सुन्नत पर अमल करते हुए बकरीद पर कुर्बानी कराने के लिए बकरों का बाजार सजने लगा है। बकरीद में तकरीबन एक सप्ताह बाकी है, ऐसे में ऑन लाइन बकरा बाजार से लेकर शहर के बाजारों और सड़क, चौराहों पर भी बकरे जुटने लगे हैं।
नूरुल्लाह रोड-करेली क्रासिंग के पास रसूलपुर कब्रिस्तान के किनारे बकरों की मंडी में ग्रामीण क्षेत्रों से लोग बकरों के साथ पहुंचने लगे हैं। यहां दस हजार से लेकर साठ हजार रुपये तक के बकरे मौजूद हैं। करेली मोड़ पर लगे बाजार में आए करारी, कौशाम्बी के मुहम्मद इश्तियाक ने अपने तीनों बकरों की बोली 50-50 हजार रुपये लगाई लेकिन यह भी जोड़ा, बकरा पसंद करें, कम-ज्यादा हो जाएगा।
मोलभाव का यही आलम चौक और नखासकोहना के बाजार में भी देखने को मिला। चौक बाजार में सैदाबाद से आए मुस्तकीम के चालीस और पचास हजार रुपये के बकरे आकर्षण का केंद्र रहे। फिलहाल लोग अभी अलग-अलग बाजारों में घूमकर बकरों को पसंद करने और मोलभाव कर रहेहैं। करेली के खुर्शीद हसन कहते हैं, अभी लोग बाजार का रुख जानने में जुटे हैं।
0 बकरे लेकर घूम रहे हैं मोहल्ले-मोहल्ले
बाजारों से इतर गांव से अपने बकरों के साथ आए विक्रेता मोहल्ले-मोहल्ले में घूमकर भी उनकी बोली लगा रहे हैं। कीमत के मुताबिक पसंद आने पर बकरे खरीदे भी जा रहे हैं लेकिन जानकारों का मानना है कि दूसरे जिलों से बकरे आने पर कीमतें कम हो सकती हैं।
0 गूलर के पत्तों की मांग बढ़ी
लोग कुर्बानी कराने के लिए बकरे खरीद कर घर ले जाने लगे हैं, ऐसे में उन्हें खिलाने के लिए चारा भी चाहिए। सो गूलर के पत्तों की मांग और बिक्री भी बढ़ गई है। बकरा बाजारों में गूलर के पत्तों की गड्डी पांच, दस रुपये में मिल रही है।