प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयागराज आगमन पर 29 फरवरी को काला झंडा दिखाने का आरोपी तीन छात्रों की जमानत लॉक डाउन के फेर में फस गई है। अदालतें 14 अप्रैल तक फ़िलहाल बंद है इसलिए इनकी रिहाई भी मुश्किल दिखती है।
प्रधानमंत्री दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिकों के उपकरण वितरण कार्यक्रम में 29 फरवरी को प्रयागराज आए थे।\nकर्यक्रम में सपा के कुछ छात्र नेताओं ने काले झंडे दिखाए और और मुर्दाबाद का नारा लगाया।पांच छात्रों को दारागंज पुलिस ने गिरफ्तार कर मुकदमा दर्ज किया था। जिसमें से जमानत की सुनवाई न होने के कारण सौरव यादव, जय शंकर रावत उर्फ बबलू और मोहित यादव अभी भी जेल में बंद हैं और उनका जमानत प्रार्थना पत्र कोर्ट में लंबित है।
इसी प्रकरण में अभियुक्त बनाए गए अतुल सिंह और अभिषेक यादव की जमानत 8 मार्च को कोर्ट से मंजूर हो चुकी है।\n बचाव पक्ष के अधिवक्ता रविंद्र यादव ने बताया कि 8 मार्च को अतुल सिंह और अभिषेक यादव की जमानत अपर जिला जज बद्री विशाल पांडे की कोर्ट से मंजूर हो गई ।इसके बाद उन्होंने सौरव यादव , जय शंकर रावत उर्फ बबलू और मोहित यादव की जमानत अर्जी कोर्ट में प्रस्तुत की 16 तारीख को सुनवाई होनी थी मगर उस दिन कोर्ट में हड़ताल हो गई ।
इसके बाद 18 मार्च को सुनवाई के लिए नियत हुआ , उस दिन हाईकोर्ट के निर्देश पर आवश्यक मामलों को छोड़कर सुनवाई नहीं हुई ।\n इस प्रकरण में जमानत की सुनवाई के लिए 24 मार्च की तारीख नियत कर दी गई और 24 मार्च को ही यह आदेश आया कि 28 मार्च तक कोर्ट बंद रहेगी। जिसकी वजह से उनके जमानत प्रार्थना पत्रों की सुनवाई एक बार फिर टल गई।
तीनों एक मार्च से जेल में बंद है। अधिवक्ता ने इस जमानत प्रार्थना पत्र के संबंध में अपर जिला जज संख्या दो के कर्मचारियों से फोन पर वार्ता की और जिला जज से भी संपर्क किया लेकिन कोर्ट बंद होने के कारण उनकी सुनवाई नहीं हो पा रही है।\n अधिवक्ता रविंद्र यादव का कहना है कि उनसे यह कहा गया कि इस प्रकरण में 7 साल से अधिक की सजा वाली धाराएं हैं जिसके कारण उन्हें पैरोल या पीवी पर नहीं छोड़ा जा सकता है।
अधिवक्ता का कहना है कि तीनों छात्र हैं और उनके परिजन उनके लिए काफी चिंतित हैं। इस मामले में एस ओ आशुतोष तिवारी ने मुकदमा दर्ज कराया था । अभियोजन का कहना है कि कार्यक्रम के दौरान पनियारा ब्लाक में दिव्यांग जनों के बैठने की व्यवस्था जहां की पांचों अभियुक्त कार्यक्रम के बीच में ही काले झंडे लहराते हुए मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे। पुलिस की तलाशी में पांचों के पास से कूट रचित विद्युत विभाग के टेक्नीशियन का परिचय पत्र मिला था और उन्होंने ड्यूटी पास प्राप्त कर लिया था।
पुलिस ने उन पर अन्य धाराओं के अलावा धोखधड़ी और फ़र्ज़ी दस्तावेज बनाने का मुकदमा भी दर्ज किया है। \nलॉक डाउन से रिहाई भी लटकी\n28 मार्च के बाद हाईकोर्ट के निर्देश पर जिला न्यायालय में भी अनिश्चितकाल तक के लिए कोर्ट बंद हो गई है और जिला न्यायालय में केवल गिरफ्तार कर लाए लोगों के लिए रिमांड कोर्ट में ही सुनवाई की जा रही है आवश्यक मामलों की सुनवाई की कोई व्यवस्था नहीं है अधिवक्ताओं का यह भी कहना है कि कई ऐसे मामले हैं जिनमें जमानत मंजूर हो चुकी हैं और उनका सत्यापन भी आ चुका था लेकिन रिहाई न जाने से उन्हें छोड़ा नहीं जा सका।