इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी में 17 साल पहले हुई हत्या के आरोपी की जमानत मंजूर करते हुए उसे रिहा करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने राजू कसेरा उर्फ विकास की जमानत याचिका पर दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी में 17 साल पहले हुई हत्या के आरोपी की जमानत मंजूर करते हुए उसे रिहा करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने राजू कसेरा उर्फ विकास की जमानत याचिका पर दिया है। मामला वाराणसी के चौक थाना क्षेत्र का है। 2009 में मृतक के भाई ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया था। आरोप लगाया कि भाई की गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी।
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पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपी राजू कसेरा को नामजद किया, जो तीन मई 2022 से जेल में बंद है। याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि घटना का कोई प्रत्यक्षदर्शी साक्षी नहीं है। संदेह और पुलिस के सामने दिए कबूलनामे के आधार पर याची के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल हुआ। इस दौरान विकास याची गुजरात में रह रहा था। 2022 में कोरोना काल में जब वह गुजरात से लौटा, तब पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा।