इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानपुर के चर्चित बिकरू कांड के आरोपी शिव तिवारी उर्फ आशुतोष त्रिपाठी की सशर्त जमानत मंजूर कर ली है। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ की अदालत ने आरोपी की दूसरी जमानत अर्जी पर दिया है।
कोर्ट ने कहा, जल्द सुनवाई आरोपी का मूल अधिकार है। आदेश के बावजूद सालभर बाद भी ट्रायल के जल्द पूरा होने की उम्मीद नहीं है।लिहाजा, आरोपी जमानत का हकदार है। कानपुर नगर के चौबेपुर के बिकरू गांव में दो जुलाई 2020 को दबिश देने गई पुलिस टीम पर विकास दुबे के गैंग ने गोलियां बरसानी शुरू कर दी थीं। इसमें में आठ पुलिस कर्मियों की मौत हो गई थी। कई लोग घायल भी हुए थे।
पांच सितंबर 2023 को गैंगस्टर मामले में कोर्ट ने 30 में से 23 आरोपियों को दोषसिद्ध किया था। जबकि, सात साक्ष्य के अभाव में बरी हो चुके हैं। अभियोजन के मुताबिक याची शिव तिवारी घटना वाले दिन फोन के जरिये मुख्य अभियुक्त विकास दुबे के संपर्क में था। 21 अगस्त 2020 से जेल में बंद याची पर उकसाने का आरोप है। इससे पहले इसकी जमानत अर्जी खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने एक साल में ट्रायल पूरा करने का आदेश दिया था। दूसरी जमानत अर्जी पर याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि अभियोजन ने 100 गवाहों की सूची दाखिल की है। ट्रायल जल्द पूरा होने की उम्मीद नहीं है।
वहीं, सरकारी वकील ने दलील दी कि अभियोजन 44 गवाहों का परीक्षण करा चुकी है। जल्द ट्रायल के पूरा होने की उम्मीद है। इसलिए याची जमानत पाने का हकदार नहीं है। हलांकि, कोर्ट ने सशर्त जमानत मंजूर करते हुए याची को रिहा करने का आदेश दे दिया।