इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कर्नलगंज थाने में दो साल पहले धोखाधड़ी और कागजों में हेराफेरी के आरोपी की जमानत अर्जी मंजूर करते हुए उसे रिहा करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने याची को निजी मुचलके और दो प्रतिभूतियों पर रिहा करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति साधना रानी ठाकुर ने शिव रतन अग्रवाल की जमानत अर्जी मंजूर करते हुए दिया है।
याची पर आरोप है कि उसने पारिवारिक संपत्ति को पाने के लिए अपने पक्ष में कुछ फर्जी दस्तावेज तैयार किए। उसके खिलाफ कर्नलगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। याची की ओर से कोर्ट में कहा गया है कि पारिवारिक विवाद है। उसके सगे भाई राम रतन अग्रवाल ने यह प्राथमिकी दर्ज कराई है। अब दोनों भाइयों में विवाद का समाधान हो गया है। याची 28 मई से जेल में है। लिहाजा, उसे जमानत दे दी जाए। कोर्ट ने तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए शर्तों के साथ याची की जमानत अर्जी मंजूर कर ली।