इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रेम प्रसंग की वजह से बहन के प्रेमी के गले तथा निजी अंगों को काटकर हत्या करने के आरोपी प्रमोद कुमार बिंद को जमानत पर रिहा करने से इन्कार कर दिया है। कोर्ट ने कहा, परिस्थितिजन्य साक्ष्य मौजूद हैं। आरोपी ने अमानवीय अपराध किया है। सिर काट कर छिपाया तथा निजी अंगों को काटकर गंभीर अपराध किया है।
कोर्ट ने छह माह में केस निस्तारित करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव ने दिया है। मृतक के पिता ने प्रयागराज के औद्योगिक थाना क्षेत्र नैनी में 10 नवंबर 19 को एफआईआर दर्ज कराई। कहा, नौ नवंबर को किसी ने रात आठ बजे उनके बेटे को बुलाया। फिर वापस नहीं लौटा। सुबह आठ बजे पता चला कि राजाराम फरगैयां के खेत में सिर कटी लाश पाई गई है।
शिकायतकर्ता ने शिनाख्त की। मृतक की मां ने बताया, किसी ने 14 फोन काल कर बुलाया था। इस पर सह अभियुक्त सूरज गौतम गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर प्रमोद कुमार बिंद, इंद्र कुमार बिंद तथा चंदन बिंद को भी गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से मृतक की मोटरसाइकिल सहित हत्या में प्रयुक्त चापड़ भी बरामद किया गया। आरोपी 11 नवंबर 19 से जेल में बंद हैं।