इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नौकरी के नाम पर ठगी करने के आरोपी फरीदाबाद के अमन शर्मा की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति विवेक वर्मा ने दिया है। कानपुर के जाजमऊ थाने में आईपीसी की धारा 420, 120 बी तथा धारा 66 डीआईटी एक्ट के तहत दीप मंडल ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। आरोप है कि नौकरी लगवाने के नाम पर भिन्न-भिन्न खातों में उससे कुल रुपये पांच लाख, 12 हजार 700 रुपये का ऑनलाइन भुगतान कराया गया। लुलु एल जॉनसन, गौरव उपरेती, अमन शर्मा व अन्य पर धोखाधड़ी का आरोप है।
सरकारी अधिवक्ता ने बताया कि याची के खाते में कुल एक लाख, 92 हजार रुपये का भुगतान यूनियन बैंक ऑफ इंडिया शाखा बल्लभगढ़ फरीदाबाद हरियाणा में किया गया है। कहा गया है कि आरोपी अपने नाम से उसे फोन से कनेक्ट कराकर खाते को भारत में रहने वाले नाइजीरिया के लोगों को पैसा लेकर बेच देते हैं, जिसका संचालन साइबर क्राइम करने में किया जाता है।
यह भी कहा गया आरोपी अमन शर्मा ने अपनी फोटो व आईडी पर खाता खोलकर अपने भाई का मोबाइल नंबर कनेक्ट कर खाते के संचालन के लिए अन्य लोगों को बेच दिया था। जबकि आरोपी का तर्क है कि उसकी फोटो और आईडी का दुरुपयोग किया गया है, इस प्रकार के संचालन से उसका कोई सरोकार नहीं है, उसे झूठा फंसाया जा रहा है। कोर्ट ने साइबर क्राइम की लगातार हो रही घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।