इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रतिवादी बागपत डीएम और एसपी को निर्देश दिया कि याची की शिकायत का निवारण करें और अनुपालन हलफनामा दाखिल करें। अन्यथा सात जुलाई को सुबह 10 बजे न्यायालय में उपस्थित हों।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रतिवादी बागपत डीएम और एसपी को निर्देश दिया कि याची की शिकायत का निवारण करें और अनुपालन हलफनामा दाखिल करें। अन्यथा सात जुलाई को सुबह 10 बजे न्यायालय में उपस्थित हों। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और न्यायमूर्ति हरवीर सिंह की खंडपीठ ने मंजू देवी व तीन अन्य की याचिका पर दिया।
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याची मंजू देवी, पूनम व सीमा ने याचिका में कहा है कि एक संस्था ने उनसे उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए रजिस्ट्रेशन के नाम पर रुपये ठग लिए। संस्था ने कई अन्य महिलाओं से करोड़ों की ठगी की। उसके खिलाफ तहरीर दी गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। राहत न मिलने पर महिलाओं ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
याची अधिवक्ता शरदेंदु मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट के ललिता कुमार मामले में दिए गए फैसले का हवाला देते हुए कहा कि यदि प्रार्थना पत्र में संज्ञेय अपराध का मामला लगता है तो थाना प्रभारी का कर्तव्य है कि एफआईआर दर्ज करें। कोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद प्रतिवादियों को याची की शिकायत का निवारण करने या सात जुलाई को कोर्ट में हाजिर होकर जवाब देने का निर्देश दिया।