इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) और संघटक महाविद्यालयों में इस बार प्रवेश के साथ पढ़ाई भी पिछड़ेगी। कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर इविवि एवं संघटक कॉलेजों की सभी परीक्षाएं स्थगित की जा चुकी हैं। प्रवेश प्रक्रिया भी शुरू नहीं हो सकी है। फिलहाल 31 मार्च तक सब कुछ ठप रहेगा। ऐसे में नए सत्र 2020-21 में प्रवेश प्रक्रिया में निर्धारित समय से पूरी नहीं की जा सकेगी और न ही समय से नए सत्र का संचालन शुरू किया जा सकेगा।
इविवि प्रशासन ने 31 मार्च तक की सभी परीक्षाएं स्थगित कर रखी हैं। इविवि प्रशासन को इन परीक्षाओं का आयोजन नए सिरे से कराना होगा। अगर अप्रैल में हालात सुधरे तो इविवि प्रशासन स्थगित की गई परीक्षाओं की नई तिथि घोषित करेगा, वरना अप्रैल में पहले से प्रस्तावित परीक्षाओं को भी टालना पड़ जाएगा। वहीं, इविवि की प्रवेश समिति ने 20 मार्च से प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर रखी थी। इसके लिए एजेंसी का चयन भी कर लिया गया लेकिन कोरोना वायरस के कारण ऑनलाइन प्रवेश की प्रक्रिया भी शुरू नहीं की जा सकी।
कोरोना के मद्देनजर सभी प्रकार की बैठकों पर भी रोक लग गई है जबकि प्रवेश प्रक्रिया तभी शुरू हो सकेगी जबकि इविवि की प्रवेश समिति की बैठक में इसको लेकर कोई निर्णय होगा। प्रवेश समिति ने मई में प्रवेश परीक्षा के आयोजन की तैयारी की थी लेकिन अब आवेदन पिछड़ने से प्रवेश परीक्षा के आयोजन में भी विलंब होना तय है। प्रवेश परीक्षा में देर हुई तो रिजल्ट के लिए भी इंतजार करना होगा और नए सत्र में प्रवेश भी समय से पूरा नहीं हो सकेगा। ऐसे में प्रवेश की प्रक्रिया पूरी करने में अगस्त माह तक का समय लग सकता है।
शिक्षकों की कमी, अगले सत्र में कैसे पूरा होगा कोर्स
इविवि की वार्षिक परीक्षा 31 मार्च तक स्थगित हैं। परीक्षाएं स्थगित हो जाने से इसका सीधा प्रभाव रिजल्ट और अगले सत्र की प्रवेश प्रक्रिया पर पड़ेगा। अगले सत्र 2020-21 में प्रवेश की प्रक्रिया पिछड़ी तो समय कोर्स को समय से पूरा करा पाना इविवि प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती साबित होगा। इविवि में शिक्षकों के 558 पदों पर भर्ती प्रक्रिया फंसी हुई है। अगर अगले सत्र में भी शिक्षक भर्ती समय से पूरी नहीं हुई तो सत्र देर से शुरू होने पर पाठ्यक्रम को पूरा नहीं करा पाना मुश्किल होगा और इससे छात्र-छात्राओं को काफी नुकसान होगा।