डीआरएम ऑफिस में रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया बाबू
एनसीआर मुख्यालय की विजलेंस टीम ने की धरपकड़
कानपुर में तैनात महिला रेलकर्मी से बाबू ले रहा था रिश्वत
प्रयागराज। मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) ऑफिस के कार्मिक विभाग में बुधवार को उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय की विजलेंस टीम ने एक बाबू को रंगेहाथ रिश्वत लेते पकड़ा। मुख्यालय की विजलेंस टीम ने संबंधित बाबू के पास से रिश्वत के चार हजार रुपये भी बरामद किए। विजलेंस टीम ने इस मामले की रिपोर्ट तैयार करने के साथ ही उसे डीआरएम इलाहाबाद अमिताभ को सौंपने की तैयारी की है। उधर डीआरएम अमिताभ ने इस मामले को लेकर कहा कि विजलेंस रिपोर्ट मिलने के बाद वह संबंधित रेलकर्मी के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। इस बीच उनके स्तर से भी विभागीय जांच करवाई जाएगी।
बताया जा रहा है कि कानपुर में सीआरएस पद पर तैनात मंजू कुमारी नाम की रेलकर्मी की वेतन और एरियर भुगतान संबंधी फाइल कार्मिक विभाग में अटकी हुई थी। अनुकंपा पर हुई नियुक्ति के बाद मंजू को वेतन आदि पिछले कुछ माह से नहीं मिल रहा था। इसी वजह से वह डीआरएम ऑफिस के कार्मिक विभाग में वह लगातार आ रही थी। उसकी फाइल आदि पास करवाने की एवज में कार्मिक विभाग के पे एंड बिल विभाग में तैनात क्लर्क सतवंत कुमार ने उससे रिश्वत मांगी। महिला बुधवार को डीआरएम ऑफिस पहुंची। इस बीच विजलेंस मुख्यालय को इस बात की भनक लग गई। मुख्यालय से चीफ विजलेंस इंसपेक्टर आनंद, वीएन मिश्र आदि मौके पर पहुंचे और संबंधित बाबू को चार हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया गया। कुछ माह पूर्व भी इसी विभाग के एक अफसर की लॉगिन से रेलकर्मियों के फंड ट्रांसफर होने की गड़बड़ी भी विजलेंस ने उजागर की थी। इस बारे में डीआरएम अमिताभ का कहना है कि वह अभी कानपुर में है। बृहस्पतिवार को प्रयागराज आकर वह इस मामले में विभागीय जांच भी करवाएंगे। विजलेंस की रिपोर्ट और विभागीय जांच के बाद ही संबंधित बाबू के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।