हंडिया के विधायक की शिकायत पर वसूली के आरोप में निलंबित किए गए बाबू के खिलाफ जांच पूरी हो गई है। इसमें बाबू को दोषी पाया गया है। जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) जीपी कुशवाहा ने जांच रिपोर्ट मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) को सौंप दी है और सीडीओ ने रिपोर्ट शासन को प्रेषित कर दी है।
हंडिया के विधायक की शिकायत पर वसूली के आरोप में निलंबित किए गए बाबू के खिलाफ जांच पूरी हो गई है। इसमें बाबू को दोषी पाया गया है। जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) जीपी कुशवाहा ने जांच रिपोर्ट मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) को सौंप दी है और सीडीओ ने रिपोर्ट शासन को प्रेषित कर दी है। कुछ माह पहले हुई दिशा की बैठक में हंडिया के विधायक हाकिम लाल बिंद ने जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) कार्यालय में तैनात कनिष्ठ लिपिक हरिकेश पांडेय पर सफाई कर्मियों से वसूली का आरोप लगाया था। विधायक का आरोप था कि सफाई कर्मियों से वेतन प्रोन्नति का लाभ देने के लिए तीन-तीन हजार रुपये की वसूली की गई।
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वहीं, कनिष्ठ लिपिक ने पे-रोल के नाम पर भी सफाई कर्मियों से वसूली की और ट्रांसफार-पोस्टिंग की आड़ में धन उगाही की। विधायक ने आरोप लगाया था कि ग्राम पंचायतों में तैनात सफाई कर्मचारियों का मनमाने तरीके से ट्रांसफर कर दिया जाता है और बाद में मनपसंद तैनाती स्थल पर वापसी के लिए उनसे वसूली की जाती है। आरोप यह भी था कि विभिन्न मामलों में साल भर में एक करोड़ रुपये तक की वसूली की जा चुकी है।
इस शिकायत के बाद प्राथमिक जांच के आधार पर कनिष्ठ लिपिक को निलंबित कर दिया गया और डीपीआरओ कार्यालय से अटैच कर दिया गया। दिशा की ओर से मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) को विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए गए थे। सीडीओ ने जांच की जिम्मेदारी जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) को सौंपी थी।
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डीडीओ ने कई ब्लॉकों से सफाई कर्मियों को अपने कार्यालय में बुलाकर उनके बयान दर्ज किए। साथ ही डीडीओ कुछ ब्लॉकों में गए और वहां भी सफाई कर्मियों के बयान दर्ज किए। डीडीओ जीपी कुशवाहा ने बताया कि जांच पूरी कर ली गई है, जिसमें कनिष्ठ लिपिक को दोषी पाया गया है। उन्होंने सीडीओ के माध्यम से जांच रिपोर्ट शासन को प्रेषित कर दी है। वहीं, दिशा की अगली बैठक नौ अप्रैल को प्रस्तावित है, जिसमें रिपोर्ट प्रस्तुत की जा सकती है।