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Prayagraj : बाबा बागेश्वर ने संगम में लगाई डुबकी, श्री बड़े हनुमानजी का लिया आशीर्वाद

Wed, 22 Apr 2026 07:39 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

बाबा बागेश्वर आचार्य  धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बुधवार को संगम में डुबकी लगाई। इसके बाद श्री बड़े हनुमानजी का दर्शन पूजन किया। इस दौरान जयश्री राम और जय बजरंग बली के जयकारे गूंजते रहे।
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बाबा बागेश्वर ने संगम में डुबकी लगाने के बाद श्री बड़े हनुमानजी का दर्शन किया। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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बाबा बागेश्वर आचार्य  धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बुधवार को संगम में डुबकी लगाई। इसके बाद श्री बड़े हनुमानजी का दर्शन पूजन किया। इस दौरान जयश्री राम और जय बजरंग बली के जयकारे गूंजते रहे। बाबा बागेश्वर धाम के महंत आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की तीन दिवसीय हनुमंत कथा संगम के किनारे अरैल क्षेत्र में चल रही है। दूसरे दिन बुधवार को धीरेंद्र कृष्ण बजरंग बली का दर्शन करने के लिए श्री बड़े हनुमान मंदिर पहुंचे। कड़ी सुक्षा व्यवस्था बीच उन्होंने संगम में डुबकी लगाई और विधि-विधान से मां गंगा का पूजन किया। इसके बाद दुग्ध, नैवेद्य का अर्पण कर मां गंगा की आरती उतारी। इस बाद मंदिर पहुंचकर श्री बड़े हनुमानजी का दर्शन किया। उनको पूजन महंत बलवीर गिरि ने कराया। इसके बाद उन्होंने अक्षयवट का भी दर्शन किया। 

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आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री। - फोटो : अमर उजाला।
दूसरी दिन की कथा में पहुंचे डिप्टी सीएम केशव, राजाभैया और निरहुआ

अरैल घाट पर चल रही बाबा बागेश्वर धाम की हनुमंत कथा में दूसरे दिन बुधवार को कई नेताओं और साधु-संतों ने हिस्सा लिया। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजाभैया, परमार्थ आश्रम निकेतन स्वामी चिदानंद मुनि, पूर्व सांसद दिनेश लाल निरहुआ, दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी, महाभारत सीरियल में दुर्योधन का किरदार निभाने वाले पुनीत इस्सर आदि पहुंचे। 
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अशोक वाटिका और रावण दरबार का किया वर्णन

दूसरे दिन की कथा में आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अशोक वाटिका और रावण दरबार का वर्णन किया। कहा कि जीवन से व्यर्थ को गायब करतो अर्थ निकल जाएगा। युवा और छात्र निंदा, पराई स्त्री से बचें तो जीवन सफल हो जाएगा। नीच और बुराई करने वालों की संगत से बचें। तीर्थ जाओ तो ज्ञान, स्नान और दान करो। दान जरूरी नहीं की धन का हो। गलत विचारों का भी त्याग और दान करना चाहिए। कीचड़ और  लीचड़ से बचें। इनकी संगत से जीवन खराब हो जाता है। कहा कि प्रयागराज के पंडा की महिमा बड़ी है।  इनके पास कई पुश्तों की  कुंडली है। यहां देखने पर पूर्वजों का पता  चल  जाएगा। द्वादश  माधव, श्री बड़े हनुमानजी और अक्षयवट की महिमा का भी वर्णन किया।
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