हाईकोर्ट ने पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां को राहत देते हुए उनका शस्त्र लाइसेंस निलंबित करने का आदेश रद्द कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि लाइसेंस निरस्त करने के लिए आजम खां को चुनाव के बाद कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के लिए समय दिया जाए। आजम खां की याचिका पर न्यायमूर्ति सिद्धार्थ ने सुनवाई की।
याची के अधिवक्ता इमरान उल्लाह के मुताबिक 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान हुए बवाल के मामले में आजम खां के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने इस मामले में आरोपपत्र दाखिल कर दिया है। इसी आधार पर जिलाधिकारी रामपुर ने आजम खां की राइफल, रिवाल्वर और बंदूक के तीनों शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने के लिए तीन कारण बताओ नोटिस जारी किए तथा कहा कि जब तक आजम खां स्वयं उपस्थित होकर स्पष्टीकरण न दें, तब तक उनके तीनों लाइसेंस निलंबित रहेंगे। आजम खां को 10 अप्रैल को डीएम रामपुर के समक्ष उपस्थित होना था।
इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। आजम खां की ओर से कहा गया कि लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी बनाए जाने के बाद से लगातार उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। इससे पहले भी 2019 में एक बीजेपी नेता की ओर से आजम खां उनकी सांसद पत्नी तंजीम फातिमा तथा विधायक पुत्र अब्दुल्ला आजम खां के खिलाफ फर्जी एफआईआर दर्ज कराई गई थी। जिसे हाईकोर्ट से उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। कोर्ट ने डीएम का आदेश रद्द करते हुए कारण बताओ नोटिस पर जवाब देने के लिए चुनाव के बाद की कोई तिथि देने का निर्देश दिया है।