उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की उत्तर पुस्तिकाओं के अवार्ड ब्लैंक सोशल मीडिया पर वायरल करने का दोषी मानते हुए मंगलवार को दो शिक्षकों को आजीवन डिबार कर दिया गया। मामला उजागर होने पर शासन स्तर पर गठित समिति ने जांच के बाद कार्रवाई की संस्तुति की। इसके आधार पर यह कार्रवाई की गई है।
यूपी बोर्ड की परीक्षाओं के बाद सोशल मीडिया पर कुछ शिक्षकों ने उत्तर पुस्तिकाओं के अवार्ड ब्लैंक को वायरल कर दिया था। इसमें मूल्यांकन के दौरान कम नंबर वाले परीक्षार्थियों को बाद में अधिक अंक देकर पास करने का मामला प्रकाश में आया। अवार्ड ब्लैंक वायरल होने के बाद प्रदेश सरकार और यूपी बोर्ड की पूरी मूल्यांकन प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई थी।
आननफानन में मामले की जांच के लिए शासन स्तर पर निदेशक मनोविज्ञानशाला, इलाहाबाद, प्राचार्य राज्य शिक्षा संस्थान एवं सचिव यूपी बोर्ड के नेतृत्व में समिति का गठन कर दिया गया। जांच समिति के अनुमोदन के बाद मंगलवार को पटेल इंटर कालेज, धौरा, बरेली के सहायक अध्यापक अनिल कुमार सागर व एसएसएसएसजी इंटर कालेज, जालौन के सहायक अध्यापक नौशाद आलम को आजीवन डिबार कर दिया गया है। साथ ही विद्यालय प्रबंध तंत्र व ज्वाइंट डायरेक्टर को इन परीक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया है।
बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का अवार्ड ब्लैंक सोशल मीडिया पर वायरल किए जाने के मामले की जांच पूरी हो गई है। समिति ने दोनों शिक्षकों को दोषी मानते हुए इनको आजीवन डिबार कर दिया है। अब ये शिक्षक आजीवन शिक्षण कार्य नहीं कर सकेंगे।
नीना श्रीवास्तव, सचिव, माध्यमिक शिक्षा परिषद।