इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हॉस्टलों को खाली कराए जाने की कार्रवाई अब परीक्षाओं के बाद की जाएगी। ऐसे में हॉस्टलों पर रेड अब 20 मई के बाद ही पड़ेगी। यह निर्णय मंगलवार को इविवि प्रशासन, जिला प्रशासन और पुलिस अफसरों की संयुक्त रूप से हुई बैठक में लिया गया। यह भी तय हुआ कि जो छात्र फीसदी जमा कर चुके हैं लेकिन उन्हें हॉस्टल में कमरे नहीं मिल हैं, ऐसे छात्रों को नए सत्र में कमरों पर कब्जा दिलाया जाएगा और उनसे दोबारा फीस नहीं ली जाएगी।
छात्र लगातार विरोध कर रहे थे कि परीक्षाओं के दौरान हॉस्टल खाली न कराएं जाएं। इस मसले पर इविवि प्रशासन और छात्रों के बीच तनातनी बढ़ती जा रही थी और बवाल की आशंका बनी हुई थी। मंगलवार को कलक्ट्रेट में एडीएम वित्त एवं राजस्व के कार्यालय में इविवि प्रशासन, जिला प्रशासन और पुलिस अफसरों की संयुक्त रूप से हुई बैठक में चर्चा हुुई कि हर साल अप्रैल से जून के बीच हॉस्टलों को पूरी तरह से खाली कराके छात्रों को नए सिरे से कमरे आवंटित किए जाने का प्रावधान है लेकिन कई वर्षों से यह कार्रवाई नहीं हो पा रही है। यह चर्चा भी हुई कि अगर इस वक्त हॉस्टल खाली कराए गए तो छात्रों की परीक्षाएं प्रभावित होंगी। तय हुआ कि परीक्षाओं के बाद हॉस्टलों पर रेड की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता कर रहे एडीएम वित्त एवं राजस्व और प्रभारी एडीएम सिटी डीएस पांडेय ने कहा कि हॉस्टलों पर रेड के दौरान प्रशासन एवं पुलिस को पूरा सहयोग मिलेगा।
उन्होंने इविवि प्रशासन की ओर से मौजूद चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे, रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ला और डीएसडब्ल्यू प्रो. आरकेपी सिंह से कहा कि कार्रवाई की योजना बनाकर दें और हॉस्टलों के कमरों में अवैध कब्जा जमाए छात्रों की सूची भी उपलब्ध करा दें। विश्वविद्यालय प्रशासन जब चाहेगा, कार्रवाई की जाएगी। यह भी तय हुआ कि जिन छात्रों ने फीस जमा कर दी है लेकिन उन्हें कमरों पर कब्जा नहीं मिला है, नए सत्र में हॉस्टल में जाने पर दोबारा फीस नहीं ली जाएगी। बैठक में एसपी सिटी विपिन टाडा, इंक्सेपक्टर कर्नलगंज सच्चिदानंद त्रिपाठी भी मौजूद रहे।