झूंसी में होटल के बाहर अतुल सुभाष की सास निशा और साला अनुराग सिंघानिया।
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जिला पुलिस से नहीं किया संपर्क
देश भर में चर्चा का विषय बने इस मामले के आरोपियों की गिरफ्तारी का ऑपरेशन बंगलूरू पुलिस ने इतना गोपनीय रखा कि स्थानीय पुलिस को भी इसकी भनक नहीं लगने दी। न ही कोई संपर्क किया। डीसीपी अभिषेक भारती ने बताया कि इस मामले में बंगलूरू पुलिस ने कोई संपर्क नहीं किया। न ही गिरफ्तारी संबंधी कोई जानकारी दी।
होटल के सीसीटीवी फुटेज में नजर आए मां-बेटे
निकिता की मां व भाई के झूंसी स्थित होटल में रहने की पुष्टि सीसीटीवी फुटेज से भी हुई है। इसमें बुधवार रात ही दोनों होटल में घुसते नजर आए हैं। इस दौरान दोनों ने वही कपड़े पहन रखे थे जो बुधवार रात घर में ताला लगाकर फरार होते वक्त उन्होंने पहने हुए थे। यह बात भी सामने आई है कि चार दिनों तक होटल में रहने के दौरान मां एक बार भी होटल से बाहर नहीं निकली। बेटा निकला लेकिन वह भी चेहरे पर मास्क लगाकर ही निकला।
झूंसी स्थित होटल में छिपे थे निकिता की मां व भाई
बंगलूरू के इंजीनियर अतुल सुभाष सुसाइड केस में गिरफ्तार की गई उनकी पत्नी की मां व भाई झूंसी स्थित होटल में छिपे हुए थे। घर छोड़कर फरार होने के बाद से उन्होंने यहीं ठिकाना बना रखा था।
बंगलूरू पुलिस की टीम ने उन्हें शनिवार सुबह 11 बजे के करीब हिरासत में ले लिया और कैब से वाराणसी ले गई। इसके बाद फ्लाइट से लेकर उन्हें रवाना हो गई। नौ दिसंबर को हुई इस घटना के बाद 11 दिसंबर की आधी रात निकिता की मां निशा व उसका भाई अनुराग उर्फ पीयूष जौनपुर स्थित घर में ताला लगाकर कहीं चले गए थे। पुख्ता सूत्रों के मुताबिक, उसी रात दोनों झूंसी के ताहिरपुर बंधवा गांव स्थित होटल में पहुंचे और फिर यहीं छिपकर रहने लगे।
अगले ही दिन उनकी ओर से हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी भी डाली गई। उधर, उनकी तलाश में जुटी बंगलूरू पुलिस ने 13 दिसंबर को उनके जौनपुर में खोवामंडी स्थित घर पर पहुंचकर नोटिस भी चस्पा किया। बंगलूरू पुलिस के एसआई संजीव कुमार के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम दोनों की खोजबीन में लगी रही और इसी दौरान उन्हें मां-बेटे की लोकेशन मिल गई। रविवार सुबह टीम ने होटल में दोनों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद दोपहर में लेकर एयरपोर्ट पहुंची और फिर फ्लाइट से उन्हें लेकर बंगलूरू के लिए रवाना हो गई।