मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के वायरल वीडियो के विवाद में जांच कर रही गर्ल्स हॉस्टल की चीफ वार्डेन अर्चना कौल ने छात्राओं व अन्य कर्मचारियों से पूछताछ की। पता चला कि यह वीडियो अप्रैल महीने का है। जिसे बाद में वायरल किया गया।
मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के वायरल वीडियो के विवाद में जांच कर रही गर्ल्स हॉस्टल की चीफ वार्डेन अर्चना कौल ने छात्राओं व अन्य कर्मचारियों से पूछताछ की। पता चला कि यह वीडियो अप्रैल महीने का है। जिसे बाद में वायरल किया गया।
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चीफ वार्डेन अर्चना कौल ने बताया कि जब कोर्स पूरा होने के बाद सीनियर छात्र-छात्राएं घर जाने लगते हैं तो अपना सामान अधिकतर जूनियर में बांट देते हैं। 12 मई को पढ़ाई व इंटर्नशिप पूरी कर चुकी कई छात्राएं वापस जा रही हैं। जूनियर डॉक्टरों ने उनके जाने से पहले बिना बताए कूलर का पाइप ले लिया। जिसके बाद सीनियर छात्राओं के पूछने पर जूनियर छात्राओं ने वीडियो बनाना शुरू कर दिया। जिसके बाद सीनियर की तरफ से भी वीडियो बनाया गया।
वहीं जूनियर छात्राओं ने वीडियो वायरल करके इसे रैगिंग का रूप देने की कोशिश की। इस मामले की रिपोर्ट सोमवार को प्राचार्य डॉ. वीके पांडेय को सौंपी जाएगी।
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रैगिंग पर सख्ती के साथ रोक है। अगर कोई सीनियर रैगिंग करता है, तो उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। मगर सीनियर की इज्जत न करना भी अनुशासनहीनता है। जिसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अनुशासनहीनता करने वाले छात्र-छात्राओं के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। - डॉ. अर्चना कौल, चीफ वार्डेन, गर्ल्स विंग एमएलएन मेडिकल कॉलेज।