प्रयागराज। धूमनगंज के चौफटका में हत्यारों ने जिस तरह से सड़क पर खूनी खेल खेला, उसे देखकर पुलिसवालों की भी रूह कांप गई। मृतकों के परिजनों की मानें तो हमलावरों के सिर पर खून सवार था। उन्होंने दोनों को करीब 100 मीटर तक खदेड़कर हमला किया। इस दौरान एक को पेट्रोलपंप के सामने व दूसरे को दुकान के सामने बेरहमी से कत्ल कर दिया।
मृतक लालू के परिजनों का आरोप है कि हमलावर सुबह से ही हथियार लेकर मोहल्ले में घूम रहे थे। साथ ही धमकी भी दे रहे थे कि आज किसी ने मुंह भी खोला तो उसे अपनी जान से हाथ धोना पड़ेगा। दहशत के चलते मोहल्ले के लोग अपने-अपने घरों में ही दुबके रहे। शाम को अचानक चीखपुकार व फायरिंग की आवाज सुनाई दी तो मोहल्ले के लोग बाहर की ओर भागे। इस दौरान देखा कि चापड़-कुल्हाड़ी व तमंचों से लैस 20-25 हमलावर पेट्रोलपंप के सामने गिरे लालू पर ताबड़तोड़ वार कर रहे थे।
घरवाले मौके पर पहुंचते तब तक हमलावरों ने फायरिंग शुरू कर दी। गोलियां लगते ही लालू की मौके पर ही मौत हो गई। उधर जान बचाने के लिए भाग रहे अजीत को गली के ठीक बगल स्थित जनरल स्टोर पर हमलावरों ने दबोच लिया। इसके बाद उस पर भी ताबड़तोड़ वार किए और फिर उसके सिर में एक के बाद एक कई गोलियां उतार दीं। इसके बाद हमलावर मौके से भाग निकले।
वारदात की सूचना पर पुलिस पहुंची तो मौके की हालत देख पुलिसकर्मी भी सहम गए। पेट्रोल पंप के सामने और दुकान के बाहर काफी मात्रा में खून फैला हुआ था। घटना की सूचना पर सबसे पहले एसपी सिटी बृजेश कुमार श्रीवास्तव, सीओ सिविल लाइंस व एएसपी अमित आनंद सिविल लाइंस, कैंट की फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे। कुछ देर बाद एसएसपी अतुल शर्मा भी आ गए। मोहल्लेवालों व मृतकों के परिजनों के आक्रोश को देखते हुए मौके पर दारागंज, जार्जटाउन, कर्नलगंज, अतरसुइया, शिवकुटी, शाहंगज थाने की फोर्स के साथ क्राइम ब्रांच भी पहुंच गई।
घर व दुकान में छिपकर बैठे थे तीन हमलावर
घटना के बाद मौके पर पहुंचे पुलिस अफसर जांच में जुटे थे कि तभी मृतक लालू के घरवालों व मोहल्ले के लोगों ने बताया कि कुछ हमलावर घर के भीतर छिपे हैं। जिस पर पुलिस मुख्य आरोपी बलवंत के घर पहुंची तो वहां से सभी लोग घर छोड़कर फरार मिले। पुलिस ने एक-एक कमरे के साथ किचन, बाथरूम व छत पर पहुंचकर भी तलाश ली लेकिन कोई नहीं मिला। इसके बाद पुलिस एक अन्य आरोपी के घर पहुंची जहां दरवाजा भीतर से बंद मिला। बहुत पुकारने पर भी जवाब नहीं मिला तो अफसरों ने छत के रास्ते से पुलिसकर्मियों को घर में उतारा। इस दौरान एक हमलावर पकड़ लिया गया। उधर दो हमलावर घटनास्थल के ठीक सामने स्थित दुकान के भीतर से पकड़े गए। जिन्हें किसी तरह भीड़ की नजर से बचाकर पुलिस वहां से ले गई।
बिलखते रहे परिवारवाले
उधर वारदात के बाद दोनों परिवारों में कोहराम मचा रहा। मौत की खबर मिली तो परिवारवालों में चीखपुकार मच गई। मृतक लालू पांच बहनों में इकलौता भाई था। उसके दो बच्चे भी हैं। पति की मौत पर पत्नी अंजू बदहवास सी हो गई थी। उधर बहनों का भी रो-रोकर बुरा हाल था। उधर अजीत दो भाइयों में छोटा था। मौत की खबर मिली तो पिता बृजलाल बदहवास हो गया। वहीं भाई रंजीत भी बिलखता रहा।
हमलावरों में महिलाएं भी थीं शामिल
मोहल्ले के लोगों ने बताया कि हमलावरों में महिलाएं भी थीं। इसमें बलवंत के परिवार की भी एक महिला थी जो 65 साल की है। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो उसने भी पेट्रोलपंप के सामने गिरे लालू पर कुल्हाड़ी व ईंट से हमला किया। उसे कुल्हाड़ी चलाते देख लोगों का कलेजा मुंह को आ गया।
Attacked after running, trembling seeing the condition of opportunity- फोटो : CITY DESK
Attacked after running, trembling seeing the condition of opportunity- फोटो : CITY DESK