जलकल विभाग के सचिव पर
हमला, बेल्ट से पिटाई, गंभीर
0 घर में जबरन घुसे थे हमलावर, एक पहने था हेलमेट
0 चेहरे पर आई हैं चोटें, सूजन से आंखों में भी दिक्कत
प्रयागराज। जलकल विभाग के सचिव हरिश्चंद्र बाल्मीकि पर जानलेवा हमला किया गया। हेलमेट पहने हमलावर मुख्यालय स्थित उनके आवास पर जबरन घुसे थे। हमलावरों ने बेल्ट से उनकी पिटाई की और चेहरे पर वार किए। फिर उन्हें लहूलुहान कर भाग निकले। उनके चेहरे और दोनों आंखों के नीचे गंभीर चोटें आई हैं। सूचना पर वहां पहुंचे जीएम और अन्य कर्मचारियों ने उनका प्राथमिक उपचार कराया। जीएम की तरफ से खुल्दाबाद थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी गई है।
जलकल जीएम हरिश्चंद्र बाल्मीकि के मुताबिक बुधवार शाम वह करीब 6.30 बजे दफ्तर से आए। चाय पीकर वह आराम करने लगे। करीब पौने आठ बजे खाना खाया। तभी उन्हें गेट खुलने की आवाज सुनाई पड़ी। वह बाहर निकले तो एक व्यक्ति हेलमेट पहनकर अंदर आता दिखा। आमने सामने पहुंचने पर उस व्यक्ति ने कहा कि दरियाबाद में पानी का टैंकर भेजा था, उसे पीकर तीन आदमी बीमार हो गए हैं। यह सुनकर बाल्मीकि बरामदे में पड़ी मेज पर रखा मोबाइल उठाने के लिए मुड़े। तभी एक अन्य व्यक्ति भी अंदर आ गया। वह मोबाइल लेकर घूमे ही थे कि दोनों ने बेल्ट से हमला कर दिया।
भुक्तभोगी जलकल सचिव बाल्मीकि ने बताया कि वह खुद को बचाते तो दूर से बेल्ट से शरीर पर दूसरी तरफ वार कर देते। इस बीच बाहर निकली उनकी पत्नी ने शोर मचाया तो हमलावर उनके चेहरे पर बेल्ट से वार कर भाग निकले। शोरगुल सुनकर थोड़ी ही देर में वहां कई कर्मचारी आ गए। जीएम भी पहुंचे। गंभीर रूप से घायल हरिश्चंद्र बाल्मीकि का उपचार कराया गया। दोनों आंखों और चेहरे पर सूजन के कारण बृहस्पतिवार को वह घर से बाहर नहीं निकले। बताते हैं कि उनके शरीर पर बेल्ट से वार के कई निशान भी हैं। घटना की जानकारी होने पर
कर्मचारियों से खुन्नस का परिणाम तो नहीं
जलकल विभाग में इन दिनों अराजकता की स्थिति है। नकेल कसे जाने से यूनियन नेताओं में नाराजगी है। कुछ दिन पहले जीएम पर भी हमला किया जा चुका है। कभी वेतन तो कभी ठेकेदारी का विवाद पर धरना-प्रदर्शन आम बात हो गई है। दीपावली से पहले दो कर्मचारियों को निलंबित किए जाने की घटना का विरोध जारी है। हमले में घायल हरिश्चंद्र बाल्मीकि ने सीधे तौर पर किसी को आरोपित तो नहीं किया लेकिन यह जरूर बोले कि नियम से काम कराने का यह परिणाम है। उन्होंने कहाकि इन दिनों सुरक्षा गार्ड नहीं हैं, सुरक्षा न होने से अराजक तत्व हावी हैं। वहीं जीएम रतन लाल का कहना है कि पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने के लिए तहरीर दी गई है। दरियाबाद में पता लगाया गया लेकिन लोगों ने बताया कि पानी में कोई शिकायत नहीं थी। यह हमला किसी की साजिश हो सकता है।