थाना क्षेत्र के उस्तापुर-महमूदाबाद गांव में रविवार की रात झगड़े की सूचना पर पहुंची पुलिस पर बलवाइयों ने हमला कर दिया। इस दौरान पुलिस पर किए गए पथराव, लोहे की राड और लाठी-डंडे से हमले में पीआरवी का दीवान तथा एक सिपाही जख्मी हो गया।
किसी तरह पुलिसकर्मियों ने वहां से भागकर अपनी जान बचाई। इस दौरान पीआरवी के वाहन में तोडफ़ोड़ के साथ ही आगजनी की भी कोशिश की गई। सूचना पर बाद में भारी पुलिस फोर्स गांव पहुंची तथा तीन लोगों को गिरफ्तार कर किया। पुलिस की तहरीर पर दो दर्जन ज्यादा बलवाइयों के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत कई संगीन धाराओं में केस दर्ज किया गया है। घटना से गांव की बस्ती में देर रात तक अफरा-तफरी मची रही।
रविवार की रात तकरीबन साढ़े ग्यारह बजे पुलिस कंट्रोल रूम को उस्तापुर-महमूदाबाद गांव से फोन किया गया। फोन करने वाले ने बताया कि कुछ लोग मुझे दबोचकर मारपीट कर रहे हैं। दबंगों ने चाकू से गर्दन पर वारकर जख्मी कर दिया है। इस पर पीआरवी पुलिस दीवान राजीव के साथ मौके की ओर रवाना हुई। इसी बीच झूंसी थाने के रोवर के दो सिपाही भी वहां पहुंच गए।
पुलिस को गांव में देख तकरीबन दो दर्जन बलवाइयों ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया। पुलिसकर्मियों पर पथराव के साथ ही लोहे की राड और लाठी-डंडे से हमला किया गया। इसमें दीवान राजीव सिंह और सिपाही संदीप जख्मी हो गए। दोनों का सिर फट गया। इसके बाद तो किसी तरह पुलिसकर्मी वहां से अपनी जान बचाकर भागे। उन्हें उपचार के लिए एसआरएन में भर्ती कराया गया था।
बलवाइयों ने पीआरवी की गाड़ी में तोडफ़ोड़ करने के साथ ही आगजनी की भी कोशिश की। पुलिस से भिड़ंत की जानकारी इंसपेक्टर झूंसी नरेंद्र प्रसाद को हुई तो भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। मौके से अभिषेक सिंह उर्फ गोलू, अनुभव सिंह उर्फ राहुल तथा शिवाकांत सरोज तीनों निवासी उस्तापुर-महमूदाबाद गांव को गिरफ्तार किया गया। बाद में पुलिस ने दो दर्जन से ज्यादा लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास, बलवा, तोडफ़ोड़ समेत कई संगीन धाराओं में केस दर्ज किया। घटना से गांव की बस्ती में आधी रात तक अफरा-तफरी मची रही।