मांडा। भारतगंज स्थित जनता इंटर कॉलेज में नकल के विरोध पर केंद्र व्यवस्थापक जनार्दन पांडेय पर ईट पत्थर से हमला किया गया। वह भागे तो कार्यालय में घुसकर उनसे हाथापाई की गई। पुलिस ने बीचबचाव कर मामला शांत कराया। भुक्तभोगी की तहरीर पर कॉलेज में तैनात तीन शिक्षकों पर विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
भारतगंज कस्बा स्थित जनता इंटर कालेज में बृहस्पतिवार को प्रथम पाली में प्राविधिक कला की परीक्षा थी। केंद्र व्यवस्थापक जनार्दन पांडेय का आरोप है कि सुबह 8.30 बजे के करीब स्कूल के प्राइवेट शिक्षक रजनीश कुमार पांडेय, पद्मधर द्विवेदी व अशोक दुबे स्टाफ रूम में नकल के लिए कॉर्बन कॉपी बना रहे थे। विरोध पर तीनों उत्तेजित हो उठे और गालीगलौज करते हुए धमकाने लगे। विरोध पर ईट-पत्थर से हमला कर दिया। जान बचाने के लिए केंद्र व्यवस्थापक अपने कार्यालय में गए तो वहां भी घुसकर हाथापाई की।
घटना से कॉलेज मेें अफरातफरी का माहौल कायम हो गया। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने किसी तरह मामला शांत कराया। बाद में भुक्तभोगी ने थाने पहुंचकर तहरीर दी। एसओ प्रिंस दीक्षित ने बताया कि तहरीर के आधार पर मारपीट, गालीगलौज, धमकी, व परीक्षा अधिनियम समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। उधर आरोपी शिक्षक रजनीश पांडेय व अशोक दुबे ने भी तहरीर देकर आरोप लगाया कि पिछले नौ साल से वह मानदेय पर तैनात हैं। इसके बावजूद उन्हें परीक्षा ड्यटी पर नहीं लगाया गया। इसी के विरोध पर प्रधानचार्य ने उनके साथ बदसलूकी की।
नकल कराने को लेकर परीक्षा केंद्र पर हंगामा
झूंसी/हनुमानगंज। सरायइनायत में यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान ककरा-दुबावल गांव स्थित महर्षि दुर्वासा इंटर कॉलेज में नकल कराने को लेकर हंगामा हुआ। दूसरी पाली में पेपर-कॉपी बंटने से पहले ही मनबढ़ युवकों ने खिड़की से परीक्षा कक्ष के भीतर नकल सामग्री पहुंचाई। विरोध पर दबंगई करने लगे। सूचना पर पुलिस पहुंची तो उपद्रवी भागे। तब जाकर परीक्षा संपन्न हुई।
गंगापार के बहादुरपुर विकास खंड में 15 कॉलेजों में यूपी बोर्ड की परीक्षा हो रही है। इनमें अति संवेदनशील परीक्षा केंद्र में शामिल ककरा-दुबावल गांव के महर्षि दुर्वासा इंटर कॉलेज में बृहस्पतिवार को दूसरी पाली में भौतिक विज्ञान की परीक्षा थी। अभी पेपर-कॉपी नहीं बंटे थे कि उसके पहले ही कुछ युवकों ने खिड़की से परीक्षा कक्ष के भीतर नकल सामग्री फेंकनी शुरू कर दी। कक्ष निरीक्षकों व केंद्र व्यवस्थापक डॉ. लवकुश ने विरोध किया तो वह हंगामा करने लगे। जिसके बाद सूचना देरक पुलिस को बुलाया गया। तब जाकर उपद्रवी भागे।