जिला अदालत ने बहुचर्चित उमेश पाल हत्याकांड के आरोपी अतीक के बड़े बेटे उमर की जमानत अर्जी खारिज कर दी। यह आदेश विशेष न्यायाधीश राम प्रताप सिंह राणा की अदालत ने दिया है। इससे पहले अदालत ने अतीक के दूसरे बेटे अली की जमानत अर्जी खारिज की थी।
लखनऊ जेल में बंद उमर ने खुद को निर्दोष बताकर जमानत पर रिहाई की मांग की थी। याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि उमेश पाल की हत्या के वक्त उमर जेल में था। घटना में शामिल होने का कोई सीधा साक्ष्य उपलब्ध नहीं है। सह अभियुक्तों के बयानों के आधार पर षडयंत्र का आरोपी बनाया गया है। कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। लिहाजा, याची को जमानत पर रिहा किया जाना चाहिए।
हालांकि, कोर्ट ने मामले की गंभीरता के मद्देनजर जमानत अर्जी नामंजूर कर दी। प्रयागराज के धूमनगंज में 24 फरवरी 2023 को बसपा विधायक रहे राजू पाल हत्याकांड के आखिरी गवाह उमेश पाल की हत्या कर दी गई थी। हमले में उनके गनर की भी मौत हो गई थी। उमेश की पत्नी जया पाल ने हत्या के आरोप अतीक के भाई अशरफ, दोनों बेटों व पत्नी शाइस्ता परवीन पर लगाया था।