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Atiq Ashraf Murder : नौ सेकंड में वारदात, 21 पुलिसकर्मियों के सामने अतीक-अशरफ भून दिए गए थे गोलियों से

Fri, 02 Aug 2024 01:56 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

15 अप्रैल 2023 को रात 10:30 बजे के करीब धूमनगंज पुलिस टीम अतीक और अशरफ को मेडिकल परीक्षण के लिए कॉल्विन अस्पताल लेकर पहुंची थी। गेट से भीतर घुसते ही उनके ऊपर मीडियाकर्मियों की भीड़ में शामिल तीन हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया था।
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माफिया अतीक अहमद और अशरफ। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अतीक अशरफ की हत्या की वारदात महज नौ सेकंड के भीतर अंजाम दी गई थी। उनकी सुरक्षा में 21 पुलिसकर्मी तैनात थे, जिनके सामने तुर्की की जिगाना पिस्टल से दोनों को गोलियों से भून दिया गया था। न्यायिक आयोग की रिपोर्ट पेश होने के बाद बृहस्पतिवार को एक बार फिर यह घटना लोगों के जेहन में कौंध गई।

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15 अप्रैल 2023 को रात 10:30 बजे के करीब धूमनगंज पुलिस टीम अतीक और अशरफ को मेडिकल परीक्षण के लिए कॉल्विन अस्पताल लेकर पहुंची थी। गेट से भीतर घुसते ही उनके ऊपर मीडियाकर्मियों की भीड़ में शामिल तीन हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया था। इस घटना के बाद तमाम तरह के सवाल उठे थे। कुछ सवाल वारदात को अंजाम देने वाले हत्यारोपियों को लेकर थे तो कुछ मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों की घटना के बाद प्रतिक्रिया से संबंधित थे।

जरायम की दुनिया में गुमनाम से अपराधियों के पास तुर्की की जिगाना जैसी महंगी पिस्टल कैसे पहुंची, यह सवाल भी हर जुबान पर था। इस हत्याकांड की विवेचना के लिए गठित एसआईटी ने जांच-पड़ताल के दौरान एकत्रित साक्ष्यों के आधार पर जो चार्जशीट लगाई, उसमें काफी हद तक सवालों के जवाब मिल गए थे। इसमें हत्या में प्रयुक्त विदेशी असलहों से लेकर अपराधियों के मकसद समेत तमाम बिंदु शामिल थे। हालांकि, इसके बावजूद सभी की निगाहें हत्याकांड की जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग की रिपोर्ट पर थी। न्यायिक आयोग की रिपोर्ट सामने आने के बाद अब हत्याकांड के दौरान अतीक-अशरफ की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों से लेकर प्रकरण से सीधे या परोक्ष रूप से जुड़े सभी पुलिसकर्मियों व अफसरों ने राहत की सांस ली है।

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नेहरू पार्क और कौंधियारा में तड़तड़ाई थीं गोलियां

नाइक आयोग ने अतीक-अशरफ हत्याकांड के साथ ही उमेश पाल हत्याकांड के दो आरोपियों अरबाज और विजय चौधरी उर्फ उस्मान के एनकाउंटर के संबंध में भी जांच की है। आयोग की रिपोर्ट सामने आने के बाद दोनों ही कार्रवाइयों में शामिल रहे पुलिसकर्मियों ने भी राहत की सांस ली है। इनमें से एक एनकाउंटर धूमनगंज के नेहरू पार्क और दूसरा एनकाउंटर कौंधियारा थाना क्षेत्र में हुआ था। नेहरू पार्क में अरबाज और कौंधियारा में विजय चौधरी उर्फ उस्मान एनकाउंटर में मारा गया था।
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