नतीजतन अतीक के कुख्यात सहयोगियों के खिलाफ पांच साल में भी गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1)के तहत कुर्की की कार्रवाई नहीं कर सकी। इस संबंध में जब धूमनगंज इंस्पेक्टर राजेश कुमार मौर्य से बात की गई तो उन्होंने कहा कि फिलहाल उन्हें इस मुकदमे की जानकारी नहीं है। इस बारे में देखकर ही कुछ बताया जा सकेगा।उधर एसीपी धूमनगंज वरुण कुमार ने बताया कि फिलहाल उन्हें इस मुकदमे की जानकारी नहीं है। कार्यालय से पता किया जाएगा कि इसमेें अब तक क्या कार्रवाई हुई है।
शूटरों के अलावा यह भी हुए थे नामजद
खालिद अजीम उर्फ अशरफ, अकबर, अबूबकर, माजिद, जावेद, एजाज अख्तर, शेरू, मुन्ना, पप्पू, फैसल, आसिफ। इनमें से अशरफ व अकबर की मौत हो चुकी है।
चार दिन बाद भी शूटर समेत सात आरोपी पकड़ से दूर
उधर प्रॉपर्टी डीलर अशरफ सिद्दीकी से 50 लाख गुंडा टैक्स मांगने के मामले में पुलिस के हाथ चार दिन बाद भी खाली हैं। 14 जून को प्राॅपर्टी डीलर ने आबिद प्रधान, फरहान समेत आठ लोगों पर नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। फरहान रंगदारी मांगने के ही एक अन्य मामले में चित्रकूट जेल में है जिसका बी वारंट तामील करा दिया गया है।
जल्द ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उसका रिमांड बनवाया जाएगा। हालांकि आबिद व उसके दो भतीजों दानिश, जीशान के अलावा फैजान, अबूबकर, कमर हारून, जावेद का अब तक कुछ पता नहीं चल सका है। एसीपी धूमनगंज वरुण कुमार का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है।