तीसरे विवेचक एनएस परिहार ने भी अब्दुल कवि को आरोपी करार दिया। इस दौरान हैरान करने वाली बात यह रही कि सरायअकिल कोतवाली के भखंदा निवासी अब्दुल कवि ने वर्ष 2006 में अपने गांव के पते से रायफल के लाइसेंस के लिए आवेदन कर दिया। तत्कालीन थाना प्रभारी तरुण पांडेय बिना किसी जांच-पड़ताल के कवि के शस्त्र आवेदन पर अपनी स्वीकृति दे दी।
28 अगस्त 2006 को तत्कालीन जिलाधिकारी ने अब्दुल कवि के शस्त्र लाइसेंस के आवेदन को स्वीकृति प्रदान की। अब्दुल कवि का लाइसेंस सरायअकिल कोतवाली के शस्त्र रजिस्टर में 10,508 के नाम पर पंजीकृत है। अंतिम दफा अब्दुल कवि ने 28 नवंबर 2009 को अपने शस्त्र का नवीनीकरण कराया। वर्ष 2014-15 में तत्कालीन शस्त्र लिपिक रहे सुभाष जायसवाल ने लाइसेंस की यूनिक आईडी 6120054412015 जारी की।
कवि की तलाश का ढिंढोरा पीटती रही पुलिस
राजू पाल हत्याकांड की जांच जब से सीबीआई के हवाले हुई तब से कवि फरार था। कवि की गिरफ्तारी नहीं होने पर 14 फरवरी को उसके घर पर सीबीआई ने कुर्की का नोटिस चस्पा किया। इन सब कवायदों के बीच वह थाने, कलक्ट्रेट आता-जाता रहा। अब अगर बिना उसके आए उसकी रायफल के लाइसेंस का नवीनीकरण हुआ तो यह और भी गंभीर मामला है। पुलिस कवि को गिरफ्तार नहीं कर सकी और उसकी तलाश का ढिंढोरा पीटती रह गई।
घरवालों ने कोरोना काल में कवि की मौत की फैलाई थी अफवाह
एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि उमेश पाल हत्याकांड के बाद जब पुलिस ने उसके परिवार वालों पर शिकंजा कसना शुरू किया तो घरवालों ने बताया कि कोरोना काल के दौरान कवि की मौत हो चुकी है, लेकिन इसका कोई साक्ष्य परिवार के लोग नहीं दे सके। इसे लेकर पुलिस को शक हुआ तो उसने गहनता से छानबीन की। तब यह तथ्य सामने आया कि कवि के नाम पर रायफल का लाइसेंस भी जारी है।
ऑनलाइन रिकाॅर्ड से गायब हो गया कवि का लाइसेंस
प्रदेश सरकार ने शस्त्र लाइसेंस के बाबत वर्ष 2014-15 में यूनिक आईडी की व्यवस्था की थी। वर्ष 2009 तक तो कवि की लाइसेंसी रायफल का डेटा ऑनलाइन व ऑफलाइन मिल रहा है, लेकिन उसके बाद पोर्टल पर शस्त्र के बाबत जानकारी नहीं है। इस बीच फरार शूटर ने पांच अप्रैल को पुलिस की सारी चौकसी को धता बताते हुए लखनऊ की सीबीआई कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
शूटर कवि की तलाश में जब पुलिस ने उसके परिवार व रिश्तेदारों पर शिकंजा कसा, तभी पता चल गया था कि उसने रायफल का लाइसेंस ले रखा है। घर की तलाशी के दौरान रायफल नहीं मिली। मामले की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद जो तथ्य सामने आएंगे, उसके हिसाब से कार्रवाई की जाएगी। - बृजेश कुमार श्रीवास्तव, एसपी