अतीक के चकिया स्थित मकान को पिछले साल बुलडोजर चलवाकर ध्वस्त करा दिया गया था। अब वहां मकान के अवशेष पड़े हैं। खुल्दाबाद पुलिस को सूचना मिली थी कि अतीक के चकिया स्थित पैतृक घर में रोजाना कुछ लोगों का जमावड़ा होता है।
अतीक अहमद के चकिया स्थित पैतृक घर के परिसर में फॉर्च्यूनर लावारिस हाल में खड़ी मिली। खुल्दाबाद पुलिस ने इसे सीज कर कब्जे में ले लिया है। पुलिस का कहना है कि वाहन का असली मालिक कौन है, इसका पता लगाया जा रहा है। अतीक के चकिया स्थित मकान को पिछले साल बुलडोजर चलवाकर ध्वस्त करा दिया गया था। अब वहां मकान के अवशेष पड़े हैं। खुल्दाबाद पुलिस को सूचना मिली थी कि अतीक के चकिया स्थित पैतृक घर में रोजाना कुछ लोगों का जमावड़ा होता है।
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इस पर शुक्रवार रात आठ बजे के करीब इंस्पेक्टर अनुराग शर्मा ने मयटीम वहां दबिश दी। इस दौरान वहां कोई नहीं मिला लेकिन अहाते में एक सफेद रंग की फॉर्च्यूनर लावारिस हाल में खड़ी मिली। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की लेकिन वाहन के बारे में कोई कुछ बता नहीं सका। इसके बाद इसे थाने लाकर सीज कर दिया गया। इंस्पेक्टर ने बताया कि वाहन के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।
राजरूपपुर के वाहिद के नाम पर है पंजीकृत
पुलिस सूत्रों ने बताया कि अतीक के घर से बरामद फॉर्च्यूनर राजरूपपुर के वाहिद के नाम पर पंजीकृत है। हालांकि पंजीयन प्रमाणपत्र में जो मोबाइल नंबर लिखा है, वह कौशाम्बी के किसी व्यक्ति का है। संपर्क करने पर उसने बताया कि वह हिंदू है और उसके नाम से कोई गाड़ी भी नहीं है।