जेल के भीतर जाने पर एक बरामदे में अतीक जेलर के साथ बैठा हुआ था। देखते ही बोला, बड़का प्रॉपर्टी डीलर बन गए हो, आओ आज तुम्हार इलाज कराई थी। उसने हाथ जोड़े तब तक गुर्गे उसे घसीटकर बैरक में ले गए। पीछे-पीछे अतीक भी आ गया। इसके बाद बोला- तोका मना किए रहे, विष्णापुरी वाली जमीन न खरीदेयो। तबौ नय मानेेओ, अब तुमका बताई थी। फिर गुर्गों से बोला, एका तक तक मारौ, जब तक एकर टांग न टूट जाए।
जैद बताता है, इसके बाद उसे उल्टा लटका कर गुर्गों ने तीन ओर से घेरकर सैकड़ों लाठियां बरसाईं। वह रोता-गिड़गिड़ाता रहा लेकिन अतीक पर कोई असर नहीं हुआ और वह ठहाके लगाता रहा। बेदम होने पर कहा कि एकर टांग तोड़ देओ। फिर अधमरा करने के बाद गुर्गों से जेल के बाहर खड़ी गाड़ी में फेंकवा दिया। इससे पहले धमकाया भी, दुबारा अइसन गलती कियो, तो जिंदा न बचबो। इलाहाबाद नय पूरे हिंदुस्तान में भी भागके न बच पउबो।
गवाही पूरी, मुकदमे में चल रही बहस
जैद ने अतीक व उसके गुर्गों पर जनवरी 2019 में धूमनगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इस मुकदमे में गवाही पूरी हो चुकी है और अब बहस का दौर चल रहा है।