माफिया अतीक अहमद को बरेली जेल से नैनी जेल स्थानांतरित करने के शासन के आग्रह पर चुनाव आयोग ने मंजूरी जता दी है। अतीक को नैनी जेल भेजने के लिए निर्वाचन आयोग से अनुमति मांगी गई थी। पिछले दिनों देवरिया जेल में मारपीट के एक मामले में चर्चा में आए अतीक को बरेली सेंट्रल जेल शिफ्ट किया गया था। यहां अतीक ने अपनी जान को खतरा बताया था। लोकसभा चुनाव के ठीक पहले अतीक को घर की जेल में भेजने के निर्णय के सियासी निहितार्थ निकाले जा रहे हैं। इससे फूलपुर क्षेत्र में चुनावी सरगर्मी तेज होगी।
सुरक्षा के मद्देनजर अतीक को बरेली से नैनी जेल शिफ्ट करने का प्रस्ताव तैयार कराया गया था। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगी होने की वजह से इसके लिए निर्वाचन आयोग से अनुमति मांगी गई थी। आयोग से हरी झंडी मिलने के बाद शुक्रवार को शासन से कारागार विभाग को इस संबंध में आदेश भेज दिए। अब अतीक को कड़ी सुरक्षा के बीच केंद्रीय कारागार नैनी स्थानांतरित किया जा रहा है।
खास वर्ग के मतदाताओं के बीच पैठ रखने वाले पूर्व सांसद अतीक अहमद हर चुनाव में चर्चा के केंद्र बिंदु रहते हैं। उन्हें नैनी जेल शिफ्ट किए जाने के निर्णय के साथ ही फूलपुर संसदीय सीट पर नए समीकरण बनने के आसार हैं। इसके सियासी प्रभाव के बारे में जानकार अपनी-अपनी तरह से चर्चा करते रहे। वर्ष 2004 में वह फूलपुर से सपा टिकट पर सांसद रहे अतीक के इस बार भी चुनाव लड़ने की चर्चा ने कई बार जोर पकड़ा। शहर पश्चिमी से पांच बार विधायक रहे अतीक किन्हीं कारणों से चुनाव मैदान में न भी आए तो मुस्लिम मतों में उनका प्रभाव नए सियासी समीकरणों से निर्णायक भूमिका निभा सकता है।