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अतीक के अंत का एक साल: आसमां में न टिकते थे कदम...अब ढूंढ़े नहीं मिल रही जमीन; माफिया की मौत के बाद कुनबा तबाह

Mon, 15 Apr 2024 09:10 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

माफिया अतीक अहमद की मौत के बाद उसका कुनबा तबाह हो गया है। उसका पत्नी फरार है, दो सदस्य जेल में हैं, संपत्ति पर भी करोड़ों की चोट लगी है। अतीक की मौत के बाद भी उसके खिलाफ कार्रवाई जारी है। 
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Atiq Ahmed Murder - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अतीक और अशरफ की हत्या के बाद उनका कुनबा भी तबाह हो गया। परिवार के दो सदस्य जेल में हैं और बाकी पुलिस से बचने के लिए मारे-मारे फिर रहे हैं। करोड़ों की संपत्ति पर चोट करने के साथ ही अब उनकी बेनामी संपत्तियों पर कार्रवाई का अभियान चल रहा है।
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अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन पर कुल पांच मुकदमे दर्ज हैं। इनमें उमेश पाल हत्याकांड के साथ ही अवैध असलहा रखने, फर्जी जानकारी देकर असलहा लाइसेंस बनवाने जैसे आरोप में भी मुकदमे हैं। शाइस्ता उमेश पाल हत्याकांड के बाद से ही फरार है। 

उसके दो बेटे उमर व अली जेल में हैं, जबकि दो अन्य बेटों अहजम व एक नाबालिग बेटा रिश्तेदार के घर में रह रहे हैं। उधर, अशरफ की पत्नी जैनब भी फरार है, जिसे तीन मुकदमों में आरोपी बनाया गया है। उमेश पाल हत्याकांड के साथ ही वह 50 करोड़ की वक्फ संपत्ति फर्जीवाड़ा कर बेचनेे के मामले में भी नामजद है।
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उधर, अतीक की बहन आयशा नूरी भी उमेश पाल हत्याकांड में आरोपी है, जिस पर शूटरों की मदद करने का आरोप है। शाइस्ता 50 हजार, जबकि जैनब व आयशा नूरी पर 25-25 हजार का इनाम घोषित है। शाइस्ता पर जल्द ही इनाम बढ़ाया भी जा सकता है।

जरायम की दुनिया में 35 साल...पहली सजा 28 मार्च 2023
जरायम की दुनिया में लगभग साढ़े तीन दशक तक बादशाहत कायम रखने वाले माफिया अतीक के लिए वर्ष 2023 की 28 मार्च की तारीख काली साबित हुई। विधायक राजू पाल हत्याकांड के चश्मदीद उमेश पाल के 18 साल पहले हुए अपहरण मामले में उसे गुजरात की साबरमती जेल से जिला अदालत इलाहाबाद लाया गया। सैकड़ों मुकदमे दर्ज होने के बावजूद उसे पहली सजा 28 मार्च 2023 को इलाहाबाद की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाई।

सजा सुनाने के पखवाड़े भर के भीतर उमेश पाल हत्याकांड मामले में पूछताछ के लिए साबरमती जेल से रिमांड पर प्रयागराज लाए गए अतीक को कोर्ट रूम में ही बेटे असद की पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत की सूचना मिली। अदालत से बाहर लाए जाते समय अतीक की आंखों में गम और अशरफ की आंखों में गुस्सा साफ झलक रहा था। इस दौरान उन्हें जनाक्रोश का सामना भी करना पड़ा था। अदालत परिसर में मौजूद भीड़ से उन पर जूते भी फेंके थे। इसके एक दिन बाद ही मेडिकल जांच के लिए कॉल्विन लाए गए अतीक-अशरफ की सनसनीखेज हत्या कर दी गई।
 

बेनामी संपत्तियां, मददगार भी निशाने पर
अतीक की मौत के बाद भी उसके खिलाफ कार्रवाई जारी है। पुलिस ने परिवार व गैंग के फरार चले सदस्यों की 25 करोड़ की संपत्ति पर कार्रवाई की है। अब उसकी बेनामी संपत्तियों पर कार्रवाई का अभियान चलाया जा रहा है।

 

उमर अतीक का सबसे बड़ा बेटा है, जो वर्तमान में लखनऊ जेल में बंद है। देवरिया जेल कांड में वह कारागार में निरुद्ध है। उधर, अली रंगदारी मांगने समेत अन्य मामलों में नैनी जेल में निरुद्ध है। उमर पर जहां तीन मुकदमे दर्ज हैं, वहीं अली 11 मुकदमों में आरोपी है। 

 

दोनों भाई हाल ही में उमेश पाल हत्याकांड में भी आरोपी बनाए गए हैं। धूमनगंज पुलिस ने इस मामले में उनका रिमांड बनवाया है। दोनों पूर्व से ही जेल में बंद थे, जिस पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से तलब कर उनकी रिमांड अर्जी पर कोर्ट ने सुनवाई की थी।

 

इसमें पिछले साल गौसपुर कटहुला में 12.42 करोड़ की बेनामी संपत्ति भी शामिल है, जिसे गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क किया गया। हाल ही में नैनी, फूलपुर, हंडिया में 10 करोड़ से ज्यादा की बेनामी संपत्तियां भी मिली हैं।
 

अतीक के जेल में बंद बेटों पर शिकंजा, उमर-अली भी हिस्ट्रीशीटर
अतीक अहमद के जेल में बंद बेटों उमर व अली को उमेश पाल हत्याकांड में आरोपी बनाने के बाद उन पर एक और बड़ी कार्रवाई हुई है। कमिश्नरेट पुलिस ने दोनों की हिस्ट्रीशीट खोल दी है। अन्य हिस्ट्रीशीटरों की तरह ही अब उनकी सतत निगरानी की जाएगी और जेल से छूटने के बाद भी वह लगातार पुलिस की नजर में रहेंगे।
 

आरोप है कि दोनों उमेश पाल हत्याकांड की साजिश में शामिल थे और उन्हें साजिश के एक-एक बिंदु की जानकारी थी। पुलिस अफसरों का कहना है कि हिस्ट्रीशीट खुलने के बाद अब जमानत मिलने की स्थिति में भी पुलिस से बच नहीं सकेंगे।

 
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उन्हें लगातार संबंधित थाने में जाकर हाजिरी देनी होगी और ऐसा न करने पर पुलिस उनके घर पर भी जा सकती है। अतीक व अशरफ भी खुल्दाबाद थाने के हिस्ट्रीशीटर थे। अतीक की हिस्ट्रीशीट संख्या 39 ए और अशरफ की हिस्ट्रीशीट संख्या 93 ए थी।
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