इसी पिस्टल से अतीक और अशरफ को मारी गई थी गोली।
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अतीक के जेल में बंद बेटों पर शिकंजा, उमर-अली भी हिस्ट्रीशीटर
अतीक अहमद के जेल में बंद बेटों उमर व अली को उमेश पाल हत्याकांड में आरोपी बनाने के बाद उन पर एक और बड़ी कार्रवाई हुई है। कमिश्नरेट पुलिस ने दोनों की हिस्ट्रीशीट खोल दी है। अन्य हिस्ट्रीशीटरों की तरह ही अब उनकी सतत निगरानी की जाएगी और जेल से छूटने के बाद भी वह लगातार पुलिस की नजर में रहेंगे।
उमर अतीक का सबसे बड़ा बेटा है, जो वर्तमान में लखनऊ जेल में बंद है। देवरिया जेल कांड में वह कारागार में निरुद्ध है। उधर, अली रंगदारी मांगने समेत अन्य मामलों में नैनी जेल में निरुद्ध है। उमर पर जहां तीन मुकदमे दर्ज हैं, वहीं अली 11 मुकदमों में आरोपी है। दोनों भाई हाल ही में उमेश पाल हत्याकांड में भी आराेपी बनाए गए हैं। धूमनगंज पुलिस ने इस मामले में उनका रिमांड बनवाया है। दोनों पूर्व से ही जेल में बंद थे, जिस पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से तलब कर उनकी रिमांड अर्जी पर कोर्ट ने सुनवाई की थी।
आरोप है कि दोनों उमेश पाल हत्याकांड की साजिश में शामिल थे और उन्हें साजिश के एक-एक बिंदु की जानकारी थी। पुलिस अफसरों का कहना है कि हिस्ट्रीशीट खुलने के बाद अब जमानत मिलने की स्थिति में भी पुलिस से बच नहीं सकेंगे। उन्हें लगातार संबंधित थाने में जाकर हाजिरी देनी होगी और ऐसा न करने पर पुलिस उनके घर पर भी जा सकती है। अतीक व अशरफ भी खुल्दाबाद थाने के हिस्ट्रीशीटर थे। अतीक की हिस्ट्रीशीट संख्या 39 ए और अशरफ की हिस्ट्रीशीट संख्या 93 ए थी।