हर विवादित जमीन में दखल देना, अगर वह जमीन बिक रही है तो उसे खरीद कर कई-कई बार बेच देते थे। दहशत इतनी की कोई शिकायत करने थाने तक नहीं जाता था। धूमनगंज और पुरामुफ्ती में जमीन की किसी बड़ी डील में अतीक अहमद गिरोह के पास रकम आ जाती थी। गिरोह ने कई सफेदपोशों को तैयार किया था, जो अपने या अपने रिश्तेदारों के नाम पर जमीनें खरीदते और बेचते थे।
पुलिस ने शुक्रवार को धूमनगंज इलाके में कई ऐसी संपत्तियों के बारे में पता लगाया जो सरकार द्वारा कुर्क की जा चुकी थीं। उन जमीनों से कुर्की का बोर्ड उखाड़ कर उन्हें भी बेच दिया गया। करोड़ों की जमीन चिह्नित की गईं। कागजात निकाले जा रहे हैं।
साथ ही 2007 में कुर्क संपत्तियों का सत्यापन शुरू कर दिया गया है। 2007 में बसपा सरकार में अतीक अहमद की 100 करोड़ से अधिक संपत्तियों को पुलिस ने सीज किया था। अब सत्यापन शुरू कर दिया गया है कि अतीक अहमद गिरोह ने बाद में उन संपत्तियों को कहीं बेच तो नहीं दिया।
- अतीक अहमद गिरोह की संपत्तियों की जांच की जा रही है। पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें ऐसी जमीनों के बारे में जानकारी इकट्ठी कर रहे हैं। 2007 में अतीक अहमद की जितनी प्रॉपर्टी सीज हुई थी सब के सत्यापन की कार्रवाई भी की जा रही है। - बृज नारायण सिंह, सीओ सिविल लाइंस