मायावती के शासन काल में भी 2007 में माफिया और पूर्व सांसद अतीक अहमद के भवनों पर बुलडोजर चलाया गया था। इससे हड़कंप मच गया था। 13 साल बाद फिर योगी आदित्यनाथनाथ के शासनकाल में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई है।
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पुलिस प्रशासन ने इससे पहले अतीक की संपत्तियों पर 2007 में भी बुल्डोजर चलाया था। उसके करबला स्थित कार्यालय और सिविल लाइंस स्थित तमाम संपत्तियों को जमींदोज कर दिया गया था।