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अतीक को एक और झटका :  हत्याकांड मामले के गवाह को धमकाने के मामले में जमानत निरस्त

Tue, 26 Apr 2022 01:06 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

अदालत ने कहा कि अपराध समाज के लिए हानिकारक कृत्य है। जमानत पर रिहा करने का यह आशय नहीं कि वह रिहा होने के बाद फिर अपराध करे। आरोपी को जमानत मिली, लेकिन वह आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहा।
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माफिया अतीक अहमद - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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शहर पश्चिमी के बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड के गवाह महेंद्र पटेल का अपहरण करने तथा अशरफ  की हत्या के मामले में अतीक अहमद की जमानत निरस्त हो गई है। उस पर गवाहों को धमकाने का आरोप है। इन दोनों मुकदमे में अतीक को जमानत मिली थी। सोमवार को एमपी/एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश डॉ. दिनेश चंद्र शुक्ला ने प्रदेश सरकार की ओर से दाखिल जमानत निरस्त करने की अर्जी पर सुनवाई की। अदालत में सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार वैश्य व अतीक के अधिवक्ताओं ने अपने-अपने तर्क पेश किए।

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अदालत ने कहा कि अपराध समाज के लिए हानिकारक कृत्य है। जमानत पर रिहा करने का यह आशय नहीं कि वह रिहा होने के बाद फिर अपराध करे। आरोपी को जमानत मिली, लेकिन वह आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहा। पुलिस की आख्या के अनुसार 75 आपराधिक मुकदमे हैं। परिस्थितियों और अपराध की गंभीरता को देखते हुए एवं उच्चतम न्यायालय द्वारा प्रतिपादित सिद्धांतों के प्रकाश में स्वीकृत जमानत निरस्त किए जाने योग्य है।


मामले में वर्ष 2006 में विधायक राजू पाल हत्याकांड के गवाह महेंद्र पटेल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसे अगवा कर लिया गया और हत्याकांड में गवाही से मुकर जाने के लिए दबाव बनाया गया। वहीं, 20 जनवरी 2003 को धूमनगंज थाने पर हाजी मोहम्मद इस्लाम ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके रिश्तेदार अशरफ  की हत्या कर दी गई। इस मामले में भी अतीक अहमद को बाद में जमानत मिल गई थी, लेकिन आरोप है कि उसने गवाहों को धमकाया।

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